महाराष्ट्र: विधायक नवनीत राणा और उनके पति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

Published On: April 24, 2022
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मुंबई: महाराष्ट्र में इन दिनों विवादों का दौर जारी है. अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की चेतावनी देने वाली निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को बांद्रा कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारिख 29 अप्रैल दी है. 

आपको बता दें कि मुंबई पुलिस ने नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को शनिवार की रात हिरासत में ले लिया था और दोनों को खार पुलिस स्टेशन लेकर आया गया था.

नवनीत और रवि के ख़िलाफ आईपीसी की धारा 153 () (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और राजद्रोह की धारा 124 () समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

दरअसल, नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने उद्धव ठाकरे के घरमातोश्रीके बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया था. वो ऐसा करने के लिए अमरावती से मुंबई पहुंचे थे लेकिन बाद में नवनीत राणा ऐसा नहीं कर सकी थीं.

उन्होंने फ़ेसबुक लाइव में कहा था, ”मुझे लगता है कि मेरा उद्देश्य स्पष्ट तरीके से पूरा हो गया. हम मातोश्री तक नहीं पहुंच पाए परन्तु जो हनुमान चालीसा हम करने वाले थे, वो कई भक्त वहां मातोश्री के सामने हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं. कहीं ने कहीं ये सिद्ध होता है कि हमारी आवाज़ वहां तक पहुंची है.”

शनिवार को नवनीत राणा के मुंबई के खार स्थित घर के बाहर सुबह से ही शिवसैनिकों की भीड़ नज़र आई थी. वो नवनीत और रवि के ख़िलाफ़ नारेबाजी भी करते नज़र आए.

नवनीत राणा ने अपने घर के बाहर आई भीड़ को गुंडों की भीड़ बताते हुए कहा था, ”जो भी गुंडे उद्धव ठाकरे ने हमारे घर तक भेजे हैं, अमरावती के घर में हो या मुंबई के घर में हो. बाला साहब के साथ ही उनके शिवसैनिक कब के चले गए. आज की शिवसेना गुंडों की शिवसेना रह गई है. उद्धव ठाकरे के इशारों पर गुंडागर्दी करने का काम महाराष्ट्र में किया जा रहा है.”

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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