राजस्थान के जोधपुर में झंडे और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर हिंसक झड़प, इंटरनेट सेवाएं बंद

Published On: May 3, 2022
Follow Us


जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर हिंसा की घटना सामने आई है. यहां जालोरी गेट इलाके में सोमवार की रात दो समुदायों में हिंसक झड़प होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.

दरअसल, परशुराम जयंती को लेकर एक समुदाय ने झंडे लगा कर सजावट की थी और आरोप है कि दूसरे समुदाय ने झंडे हटा कर अपने झंडे और लाउडस्पीकर लगाए जिसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसक झड़पे होंने लगी.

बीती रात हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी और लाठीचार्ज करना पड़ा. इस झड़प में एक एसएचओ, डीसीपी और एक पत्रकार घायल हो गए जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

इस झड़प के बाद मंगलवार की सुबह पुलिस की सुरक्षा में ईद की नमाज़ पढ़ी गई. इलाक़े में बड़ी तादाद में पुलिस बल मौक़े पर मौजूद हैं.  

ख़बरों के मुताबिक़ जोधपुर के पुलिस आयुक्त नवज्योति गोगोई ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है, फ्लैग मार्च निकाला जाएगा, क़ानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं. हम घटना जांच कर रहे हैं.”

घटना स्थल पर मौजूद एक पत्रकार ने नाम ना ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया है कि, “झंडा लगाने का विवाद सुबह फिर गहराया तो ज़िला प्रशासन ने एक समुदाय के लगाए झंडे को हटा कर वहां तिरंगा झंडा लगा दिया है.”

घटना स्थल पर इस समय भारी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं. चप्पे चप्पे पर पुलिस और बैरिकेडिंग की गई है.

जालोरी गेट के आसपास के इलाक़े को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. इस घटना पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर घटना दो दुर्भगायपूर्ण बताया और शांति बनाए रखने की अपील की है.

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related Posts

Leave a Comment