Turkey-Syria Earthquake: दोनों देशों में 50 हज़ार से ज़्यादा मौतों का अनुमान, यूएन की राहत एजेंसी हालात पर बताया

Published On: February 12, 2023
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Turkey-Syria Earthquake: तुर्की और सीरिया में आए भूकंप से तबाही जारी है। अब तक दोनों देशों में 28 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दोनों देशों में अब भी बचाव और राहत कार्य तेज़ी पर है। लेकिन अभी मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। 

संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने जो आशंका जताई है वह और दिल दहलाने वाला है। दरअसल, मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा है कि इस विनाशकारी भूकंप (Turkey-Syria Earthquake) में 50 हजार से अधिक लोगों की जान गई होगी।

मौतों का आँकड़ा 50 हज़ार से ज़्यादा!

मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा- वास्तव में मैंने मृतकों की संख्या गिनना शुरू नहीं किया है लेकिन जिस तरह से मलबे दिख रहे हैं उससे साफ लग रहा है कि यह आंकड़ा 50 हजार से अधिक जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही, खोज और बचाव लोग मानवीय एजेंसियों के लिए रास्ता बनाएंगे, जिनका काम अगले महीनों के लिए प्रभावित लोगों की असाधारण संख्या को देखना होगा।

अब तक 28 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत

भूकंप में आधिकारिक मृतकों की संख्या की बात करें तो तुर्की में 24,617 और सीरिया में 3,574 हैं, हजारों बचावकर्मी मलबे में बचे लोगों की तलाश में लगे हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने पहले चेतावनी दी थी कि पूरे तुर्की और सीरिया (Turkey-Syria Earthquake) में कम से कम 870,000 लोगों को तत्काल गर्म भोजन की आवश्यकता है और अकेले सीरिया में 5.3 मिलियन लोग बेघर हो सकते हैं। 

भूकंप से अब तक 2.6 करोड़ करोड़ लोग प्रभावित हुएः WHO

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि भूकंप से लगभग 26 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं, दोनों देशों में तत्काल स्वास्थ्य जरूरतों का सामना करने के लिए 42.8 मिलियन डॉलर की तत्काल अपील शुरू की। 


तुर्की की आपदा एजेंसी ने कहा कि तुर्की संगठनों के 32,000 से अधिक लोग खोज और बचाव प्रयासों पर काम कर रहे हैं, जबकि 8,294 अंतर्राष्ट्रीय बचावकर्मी इस प्रयास में मदद कर रहे हैं।



कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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