Jobs At Risk by ChatGPT : खतरे में भारत के 50 लाख लोगों की नौकरियां, रिपोर्ट में दावा एआई खा जाएगा सॉफ्टवेयर इंजिनियर्स की जॉब

Published On: April 23, 2023
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Jobs At Risk by ChatGPT : तेजी से हम तकनीक के गुलाम होते जा रहे है। दुनिया में तकनीक ने अब नया मुकाम हासिल कर लिया है। तकनीक फेर से निकलना अब नामुनिक सा हो गया है। खासकर के आने वाले दिनों में तो बिल्कुल ही दुनिया बदल जाएगी। तकनीक इतनी आगे बढ़ जाएगी की इंसानों के लिए काम आसान तो हो जाएगा लेकिन नौकरियां इतनी कम हो जाएगी की लोग भूखे मरने को मजबूर हो सकते है। 

आज कल हर जगह AI का जलवा है। जहां देखों वहाँ सिर्फ़ एआई की ही बात होती है। चैट जीटीपी के आने के बाद से दुनिया में हर बड़ी से बड़ी कंपनी और हर छोटी सी छोटी कंपनी अब बस एआई पर काम कर रही है। लेकिन जब सब काम अब एआई कर रही तो फ़ालतू के कर्मचारी क्यों रखना। ऐसे में लाखों लोगों की नौकरी ख़तरे में दिखाई दे रही है। ये हम नहीं कह रहे है। ये ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट है जिसमें कहा गया है कि आने वाले समय में लाखों नहीं करोड़ों लोग एआई के चलते बेरोज़गार होने वाले है। 

क्या एआई टूल्स सच में ऐसा कर देगा?

चैटजीपीटी एक एआई टूल है (AI Tool) और इससे आप जो भी सवाल पूछेंगे, वह आपको उसका जवाब दे देगा। इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल पिछले कुछ समय में तेजी से बढ़ने लगा है। क्यों कि यह बेहद सटीक जवाब देता है और इसकी प्रक्रिया भी बेहद आसान है।

ChatGPT जितना पॉपुलर हो गया उससे अब लोगों में इस बात का डर बन गया है कि कहीं इससे लोगों की नौकरियों पर खतरा न आ जाए। इसके बारे में बहुत से लोगों के मन में सवाल है। लेकिन क्या ये टूल इंसानों की नौकरी को समाप्त कर सकता है?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट

भारत पर होगा सबसे अधिक असर 

If ChatGPT's technology replaces software engineers, India would be impacted the most https://t.co/p9POVZfj3L

— Bloomberg (@business) April 23, 2023

एक नई स्टडी में सामने आया है कि अगर चैटजीपीटी की तकनीक सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जगह ले लेती है, तो भारत इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। ग्लोबल आउटप्लेसमेंट और एक्जीक्यूटिव कोचिंग फर्म चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस (Gray & Christmas) ने हाल ही में शोध फर्म OpenAI द्वारा विकसित “जेनेरेटिव एआई” टूल से पूछा कि यह कितनी मानव नौकरियों की जगह ले सकता है तो जवाब मिला 4।8 मिलियन अमेरिकी नौकरियां।

इससे पहले गोल्डमैन सैक्स ने हाल की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि वैश्विक स्तर पर 18 फीसदी नौकरियों को AI तकनीक द्वारा समाप्त किया जा सकता है। इसका असर भारत की नौकरियों पर भी पड़ सकता है।

अगर ChatGPT सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की जगह लेता है तो भारत इससे सबसे अधिक प्रभावित होगा। भारत में 5 मिलियन से अधिक सॉफ्टवेयर कोडर्स हैं इस लिहाज से भारत पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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