झज्जर, 02 जून। डीसी वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को लघु सचिवालय में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ जिला की भूमि को सेम से छुटकारा और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के बारे में विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने जिले में वाटर लॉगिंग (जलभराव) एवं सेमग्रस्त भूमि की समस्या के स्थाई समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
डीसी वर्षा खांगवाल ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, जल निकासी व्यवस्था तथा अब तक किए गए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जलभराव और सेमग्रस्त भूमि किसानों की कृषि उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है, इसलिए इस समस्या के समाधान के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी नालों, ड्रेनों एवं अन्य संरचनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा जहां भी जलभराव की समस्या अधिक रहती है वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं ताकि किसानों और ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीसी ने कहा कि जिले में सेमग्रस्त भूमि को कृषि योग्य बनाने तथा जलभराव की समस्या को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर भी कार्य किया जाए। इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण कर आवश्यक परियोजनाएं तैयार की जाएं और उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक के दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सतीश जनावा ने विभाग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्यों को पूरा करने तथा क्षेत्रीय स्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।







