IAS Success Story: यूट्यूब से की UPSC की तैयारी, दूसरे प्रयास में आकांक्षा आनंद बनीं IAS अफसर

Published On: May 6, 2026
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IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को ही मिलती है। ऐसे में 2023 बैच की आईएएस अधिकारी आकांक्षा आनंद की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।

सीमित संसाधनों में बड़ी सफलता

आकांक्षा आनंद ने बिना किसी कोचिंग के सिर्फ दूसरे प्रयास में यह कठिन परीक्षा पास कर दिखाई। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सही रणनीति, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत के दम पर बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है।

साधारण परिवार से संबंध

आकांक्षा बिहार के पटना की रहने वाली हैं। उनकी मां एक शिक्षिका हैं, जबकि उनके पिता स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी कमजोर नहीं होने दिया।

पढ़ाई में हमेशा अव्वल

उन्होंने पटना वेटनरी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया, जहां वह गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मेहनत और लगन साफ दिखाई देने लगी थी। बाद में उनकी नियुक्ति सीतामढ़ी में वेटनरी ऑफिसर के रूप में भी हो गई।

आईएएस बनने का सपना

नौकरी मिलने के बावजूद उनका लक्ष्य आईएएस बनना था। उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और पूरी लगन के साथ इस परीक्षा पर फोकस बनाए रखा।

पहले प्रयास में असफलता

पहली बार जब उन्होंने UPSC परीक्षा दी, तो उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। वे प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। लेकिन इस असफलता ने उन्हें निराश करने के बजाय और मजबूत बना दिया।

यूट्यूब से की तैयारी

दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और यूट्यूब वीडियोज का सहारा लिया। उन्होंने अपनी रणनीति को बेहतर बनाया और कमजोरियों पर काम किया।

दूसरे प्रयास में 205वीं रैंक

उनकी मेहनत रंग लाई और दूसरे प्रयास में उन्होंने 205वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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