Beekeeping: हरियाणा में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। हरियाणा उद्यान विभाग की ओर से मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को 75 से 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
आय बढ़ाने का प्रभावी विकल्प
विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खी पालन किसानों के लिए एक स्थायी और लाभकारी अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है। पारंपरिक खेती पर निर्भरता कम कर यह जोखिम को भी घटाता है। किसान शहद उत्पादन के साथ-साथ अपनी फसलों की पैदावार भी बढ़ा सकते हैं। Beekeeping
सब्सिडी का पूरा गणित समझें Beekeeping
1. मधुमक्खी बक्से (Bee Boxes)
- लागत: 2,250 रुपये प्रति बॉक्स
- सब्सिडी: 1,707 रुपये से अधिक
- अधिकतम सीमा: 50 बॉक्स प्रति किसान
2. मधुमक्खी कॉलोनी (8 फ्रेम)
- लागत: 2,000 रुपये प्रति कॉलोनी
- सब्सिडी: करीब 1,700 रुपये
- अधिकतम सीमा: 50 कॉलोनियां
खेती में मिलेगा दोहरा फायदा
मधुमक्खियां प्राकृतिक रूप से बेहतरीन परागणकर्ता (Pollinators) होती हैं। इनके जरिए फसलों में परागण बेहतर होता है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है। इस तरह किसानों को शहद से आय के साथ-साथ मुख्य फसल में भी लाभ मिलता है। Beekeeping
कैसे उठाएं योजना का लाभ? Beekeeping
विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में भाग लें।
जिला उद्यान अधिकारी से संपर्क करें।
जरूरी दस्तावेज (आधार, जमीन के कागजात, बैंक विवरण) तैयार रखें।







