IAS Success Story: दादा का सपना पोती ने किया साकार, बिना कोचिंग IAS अफसर बनीं आस्था सिंह

Published On: May 4, 2026
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IAS Success Story: पंजाब के जीरकपुर की रहने वाली आस्था सिंह ने यह साबित कर दिया कि सपनों को पूरा करने के लिए उम्र मायने नहीं रखती, बल्कि जुनून और मेहनत जरूरी होती है। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC को पास कर IAS बनने का गौरव हासिल किया।

साधारण परिवार से निकलकर बड़ी सफलता

आस्था एक सामान्य परिवार से आती हैं, लेकिन उनके सपने असाधारण थे। बचपन से ही उनके दादा उन्हें अफसर बनने के लिए प्रेरित करते थे। यही प्रेरणा आगे चलकर उनका लक्ष्य बन गई और उन्होंने 12वीं के बाद ही UPSC की तैयारी करने का फैसला कर लिया।

बिना कोचिंग के हासिल की सफलता
आज जहां अधिकतर उम्मीदवार महंगी कोचिंग का सहारा लेते हैं, वहीं आस्था ने बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर तैयारी की। उन्होंने किताबों और ऑनलाइन संसाधनों के जरिए अपनी पढ़ाई पूरी की और मजबूत रणनीति के साथ परीक्षा दी।

पहले प्रयास में शानदार रैंक

आस्था ने UPSC 2024 में अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 62 प्राप्त की। उनकी यह उपलब्धि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।

शानदार शैक्षणिक सफर

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भोपाल और पंचकूला से पूरी की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में शुरू से ही अच्छी होने के कारण उन्होंने अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार मेहनत जारी रखी।

HCS से UPSC तक का सफर

UPSC से पहले आस्था ने हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) परीक्षा भी पास की थी। इस दौरान उन्होंने नौकरी और ट्रेनिंग के साथ रोजाना 6-7 घंटे पढ़ाई जारी रखी, जिसने उनकी तैयारी को और मजबूत बनाया।

दादा के सपने को किया पूरा

आस्था के अनुसार, उनके दादा हमेशा उन्हें कलेक्टर बनने के लिए प्रेरित करते थे। उसी सपने को उन्होंने अपने लक्ष्य में बदल लिया और कड़ी मेहनत से उसे हकीकत में बदल दिया।

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Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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