Haryana News: हरियाणा के महेंद्रगढ़ में अवैध खनन से जुड़े घोटाले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग विभाग के क्लर्क चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले करीब 10 दिन पूर्व सहायक खनन अधिकारी को पंचकूला से पकड़ा गया था। लंबे समय से चल रही जांच में सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं।
यह जांच Anti Corruption Bureau Haryana (विजिलेंस) की रेवाड़ी और नारनौल टीम द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि खनन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और National Green Tribunal (NGT) के आदेशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूल कर वाहनों को छोड़ दिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहनों पर निर्धारित पर्यावरण क्षतिपूर्ति के बजाय काफी कम जुर्माना लिया गया। इसके लिए वाहन मालिकों ने फर्जी शपथपत्र और गलत मूल्यांकन के दस्तावेज लगाए, जिन्हें विभागीय अधिकारियों ने बिना उचित जांच के स्वीकार कर लिया। कई मामलों में 4 लाख रुपये तक के जुर्माने को घटाकर 2 लाख या उससे भी कम कर दिया गया, जिससे सरकार को करीब 21 लाख रुपये की वित्तीय हानि हुई।
इस पूरे मामले में तत्कालीन खनन अधिकारी, सहायक खनन अभियंता, क्लर्क समेत कुल 17 कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच एजेंसी ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।







