Haryana News: हरियाणा में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही जिलों में जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं, जिससे प्रॉपर्टी खरीदना अब महंगा हो गया है। हालांकि, पहले ही दिन तकनीकी दिक्कतों के कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रभावित रही और नए रेट पोर्टल पर समय पर अपडेट नहीं हो सके।
झज्जर जिले की तहसीलों में लोग दिनभर सरल केंद्रों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन सीमित संख्या में ही रजिस्ट्रियां हो पाईं। केवल वही रजिस्ट्रियां संभव हुईं, जिनमें स्टांप ड्यूटी में छूट थी या जो खून के रिश्तों के आधार पर की जा रही थीं। इससे खरीदारों और विक्रेताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह सांगवान ने बताया कि शाम तक मुख्यालय से नए कलेक्टर रेट की जानकारी मिल गई थी और उसे सिस्टम पर अपलोड कर दिया गया है। अब गुरुवार से सभी रजिस्ट्रियां नए रेट के अनुसार ही होंगी, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
तहसीलों के आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक जिले में कुल 28 टोकन जारी किए गए, जिनमें से सिर्फ 9 रजिस्ट्रियां ही पूरी हो सकीं। झज्जर और बहादुरगढ़ तहसीलों में 11-11 टोकन कटे, जिनमें से 4-4 रजिस्ट्रियां हुईं, जबकि बादली में 6 टोकन में से केवल 1 रजिस्ट्री हो पाई। वहीं साल्हावास, बेरी और मातनहेल तहसीलों में दोपहर बाद तक कोई नया टोकन जारी नहीं हुआ, क्योंकि लोग नए रेट लागू होने का इंतजार कर रहे थे।







