Haryana News: हरियाणा में सामने आए करीब 590 करोड़ रुपये के IDFC First Bank फ्रॉड मामले में Central Bureau of Investigation (CBI) ने नई दिल्ली में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह केस सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज किया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, जांच के लिए जल्द ही एक टीम चंडीगढ़ और पंचकूला पहुंचेगी। हरियाणा एसीबी (ACB) से दस्तावेज लेने के बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की जा सकती है।
यह घोटाला हरियाणा के तीन प्रमुख विभागों—प्रदूषण नियंत्रण, पंचायत और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन—से जुड़ा बताया जा रहा है। फिलहाल इस मामले की जांच Haryana State Vigilance and Anti Corruption Bureau (HSB-ACB) कर रही है। अब तक जांच एजेंसी बैंक कर्मचारियों, ज्वैलर्स और हरियाणा सरकार के दो वित्त अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच के दौरान एसीबी ने 6 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए धारा 17A के तहत हरियाणा सरकार से अनुमति भी मांगी थी, जिनमें 5 IAS अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह घोटाला अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ और बैंक खाते खुलवाने में उनकी भूमिका रही।
इसी आधार पर एसीबी और अन्य एजेंसियां चाहती थीं कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच Central Bureau of Investigation से कराई जाए। अब CBI द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद माना जा रहा है कि यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा मोड़ ले सकता है, और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।







