Haryana News: हरियाणा के यमुनानगर में शुक्रवार को खजूरी रोड स्थित पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की फैक्ट्री पर फायरिंग के मामले में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। कांजनू रोड पर पश्चिमी यमुना नहर की पटरी पर सीआईए-2 की टीम ने बदमाशों को दबोचने के लिए कार्रवाई की, जहां गोलीबारी हुई।
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान बदमाश अभिषेक को काबू कर लिया गया, जबकि उसके साथी हर्ष ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। हर्ष द्वारा करीब पांच राउंड फायर किए गए, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में हर्ष की टांग में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों बदमाश कुरुक्षेत्र के गांव सुन्हेडी खालसा के निवासी हैं। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अमन उर्फ काकू को पहले ही बुधवार को गिरफ्तार किया जा चुका था। गिरफ्तारी के दौरान अमन ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की थी, जिसमें पुल से कूदने के कारण उसकी दोनों टांगों में फ्रैक्चर हो गया। वह फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन है।
सीआईए-2 प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि फैक्ट्री पर फायरिंग की घटना में कुल तीन बदमाश शामिल थे। शुक्रवार को सूचना मिली थी कि अभिषेक और हर्ष कांजनू रोड पर नहर की पटरी पर मौजूद हैं, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में अलग से केस दर्ज किया गया है।
घटना 30 मार्च की रात की है, जब फैक्ट्री के गेट पर फायरिंग की गई थी। पुलिस को यह जानकारी एक प्रत्यक्षदर्शी नवजोत ने दी, जो फैक्ट्री के सिक्योरिटी रूम में मौजूद था। उसके अनुसार, दो युवक बाइक पर आए और काले कपड़ों से चेहरे ढककर गेट पर करीब आठ राउंड फायरिंग कर फरार हो गए।
इस वारदात की जिम्मेदारी नोनी राणा गैंग के सदस्य शुभम पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली थी। पोस्ट में उसने फैक्ट्री पर फायरिंग की बात स्वीकार करते हुए धमकी दी थी कि जो भी दिलबाग सिंह के साथ काम करेगा, उसे परिणाम भुगतने होंगे। पोस्ट में जितेंद्र गोगी मान ग्रुप को भी टैग किया गया था।







