Haryana News: हरियाणा में वाहन चालकों के लिए 1 अप्रैल से सफर महंगा होने जा रहा है। 31 मार्च की आधी रात के बाद केएमपी और नेशनल हाईवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी लागू हो जाएगी।
इसके साथ ही टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब केवल FASTag और यूपीआई के जरिए ही टोल का भुगतान मान्य होगा।
3–4% तक बढ़ सकती हैं टोल दरें
केएमपी एक्सप्रेस-वे पर इस बार टोल दरों में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। हालांकि नई दरों को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
टोल दरें तय करने का काम Haryana State Industrial and Infrastructure Development Corporation और National Highways Authority of India द्वारा किया जा रहा है।
फिलहाल लेबर रेट पर हो रहा कलेक्शन
पिछले कुछ समय से केएमपी पर किसी एजेंसी को टेंडर नहीं दिया गया है और टोल वसूली लेबर रेट पर की जा रही है। हर साल 1 अप्रैल से नए टेंडर जारी होते हैं, जिनमें टोल दरों में संशोधन किया जाता है।
इस बार प्रस्तावित बढ़ोतरी पिछले साल की तुलना में अधिक हो सकती है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना है।
रोजाना 1 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं
इस एक्सप्रेस-वे से रोजाना एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। टोल कलेक्शन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्षों में टेंडर राशि लगातार बढ़ती रही है, जिससे ट्रैफिक और राजस्व दोनों में वृद्धि का संकेत मिलता है।
नेशनल हाईवे पर भी बढ़ेंगी दरें
नेशनल हाईवे पर भी टोल महंगा होगा। बहादुरगढ़ क्षेत्र में National Highway 9 (रोहद टोल) और National Highway 334B (छारा टोल) के लिए नई दरें तय की जा रही हैं।
पिछले साल कार, जीप और वैन के लिए एकतरफा यात्रा पर 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। साथ ही टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में गैर-व्यावसायिक वाहनों के मासिक पास में भी 10 रुपये की वृद्धि हुई थी।
डिजिटल भुगतान अनिवार्य
1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान पूरी तरह अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में कमी आने और ट्रैफिक सुगम होने की उम्मीद है।







