Haryana News: हरियाणा सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ा झटका लगा है। उनके सरकारी आवास से जुड़े करीब 16.49 लाख रुपये के पेनल रेंट को माफ करने के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन सकी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लिया गया और अब इस पर दोबारा समीक्षा की जाएगी। करीब 6.30 घंटे चली बैठक में कुल 31 एजेंडे रखे गए, जिनमें से 18 को मंजूरी दी गई।
बैठक में कानूनी और प्रशासनिक सुधारों पर भी अहम फैसले लिए गए। पंजाब न्यायालय अधिनियम, 1918 की धारा-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे कानूनी अस्पष्टता दूर होगी और केंद्रीय कानूनों के साथ तालमेल बेहतर बनेगा। साथ ही हरियाणा सुपीरियर ज्यूडिशियल सेवा नियम, 2007 में बदलाव करते हुए भर्ती, अनुभव, आयु और योग्यता से जुड़े प्रावधानों को सरल बनाया गया है। प्रमोशन कोटा 65 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत और प्रतियोगी परीक्षा कोटा बढ़ाने जैसे फैसले भी लिए गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के तहत फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती नियमों में ढील दी गई है। अब बी-फार्मेसी डिग्री में शामिल प्रशिक्षण को मान्यता देते हुए अलग से 6 महीने का प्रशिक्षण अनिवार्य नहीं होगा। इसके अलावा भर्ती अनुपात में बड़ा बदलाव करते हुए सीधी भर्ती को 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि प्रमोशन कोटा 25 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
शहरी विकास के तहत मिक्स लैंड यूज पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई है। नई व्यवस्था में आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोग पर प्रतिशत सीमा खत्म कर दी गई है, हालांकि सभी परियोजनाओं को डेवलपमेंट प्लान के नियमों का पालन करना होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में मौजूदा इकाइयों को जारी रखने की अनुमति होगी, लेकिन नए विस्तार पर रोक रहेगी।
सरकार ने किफायती आवास को बढ़ावा देने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी-2013 में संशोधन को मंजूरी दी है। बढ़ती निर्माण लागत और जमीन की कीमतों को देखते हुए दरों में औसतन 12 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। गुरुग्राम में नई दर 5,575 रुपये प्रति वर्ग फुट और फरीदाबाद व सोहना में 5,450 रुपये प्रति वर्ग फुट तय की गई है। पंचकूला समेत अन्य शहरों में भी नई दरें लागू होंगी, जबकि लो पोटेंशियल शहरों के लिए 4,250 रुपये प्रति वर्ग फुट निर्धारित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल प्रबंधन की नई O&M नीति को मंजूरी दी गई है। इसमें ग्राम पंचायतों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। राज्य के 6,721 गांवों को तीन श्रेणियों में बांटकर इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा-1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष तय करने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट (OTA) पद की योग्यता में भी बदलाव किया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार ने हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की संशोधित लागत को मंजूरी दी है, जो अब बढ़कर लगभग 11,709 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को भी हरी झंडी दी गई है, जिसकी कुल लंबाई करीब 136 किलोमीटर होगी और इसमें हरियाणा में 11 स्टेशन बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो विस्तार, सरकारी कर्मचारियों के लिए ऋण प्रणाली में बदलाव और खाद्य सुरक्षा नियमों में संशोधन जैसे कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। कुल मिलाकर यह बैठक प्रशासनिक सुधार, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही, जबकि हुड्डा के पेनल रेंट पर फैसला फिलहाल टल गया है।







