Haryana News: हरियाणा में रबी सीजन के तहत गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले राज्य सरकार ने भंडारण की तैयारियां तेज कर दी हैं। एक अप्रैल से शुरू होने वाली खरीद प्रक्रिया से पहले अनाज को सुरक्षित रखने के लिए करीब 470 करोड़ रुपये की लागत से कट्टे और बोरियां खरीदी जाएंगी। इस संबंध में निर्णय नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में लिया गया, जहां खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में जूट और अन्य बैगों की खरीद से जुड़े लगभग 550 करोड़ रुपये के दो एजेंडे रखे गए थे। मोलभाव के जरिए करीब 80 करोड़ रुपये की बचत भी की गई। इस फैसले से राज्य में अनाज भंडारण क्षमता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों से खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित रख-रखाव में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
गेहूं खरीद की जिम्मेदारी HAFED और Haryana State Warehousing Corporation को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन की सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि मंडियों में आने वाली फसल के प्रबंधन में किसी प्रकार की समस्या न हो।
बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता ने भी अपने सुझाव और विचार रखे।








