Haryana News: हरियाणा के कैथल में रिश्वत के एक मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक की अदालत ने एएसआई बलविंदर को 4 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे 5 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
शिकायत पर दर्ज हुआ था केस
इस मामले में गांव भागल निवासी संदीप कुमार ने 12 दिसंबर 2023 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 14 अक्टूबर 2023 को गांव के कुछ लोगों के साथ झगड़े के बाद महावीर ने संदीप, उसकी मां कृष्णा देवी और अन्य पड़ोसियों के खिलाफ चीका पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया था।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता के अनुसार घटना से कुछ दिन पहले चौकी इंचार्ज एएसआई बलविंदर ने उसे चौकी बुलाया था। वहां जांच अधिकारी एसआई हरपाल भी मौजूद थे। आरोप है कि दोनों ने उसकी मां को गिरफ्तार करने का डर दिखाकर मुकदमे से नाम निकालने के बदले 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा
संदीप रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने ACB में शिकायत कर दी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए टीम ने योजना के तहत शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये देकर एएसआई के पास भेजा और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बाद में जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पेश किया गया।
अदालत का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने एएसआई बलविंदर को रिश्वत लेने का दोषी मानते हुए 4 साल की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
वहीं, मामले में नामजद एसआई हरपाल को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया, क्योंकि उसके खिलाफ सीधे तौर पर रिश्वत मांगने या लेने के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले।







