Haryana News: हरियाणा के पंचकुला और पानीपत में सोमवार को उस समय हलचल मच गई, जब कोटक महिंद्रा बैंक और AU Small Finance Bank की शाखाओं के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बैंक कर्मचारियों को शाखाएं खोलने की अनुमति नहीं दी गई और स्टाफ बाहर ही खड़ा रहा।
बताया जा रहा है कि करीब ₹160 करोड़ के कथित गबन मामले में दोनों बैंक हरियाणा पुलिस की जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाया गया। मामले की जांच Anti Corruption Bureau Haryana (एसीबी) द्वारा की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, Panchkula Municipal Corporation द्वारा करवाई गई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। रिकॉर्ड के अनुसार, नगर निगम ने कोटक महिंद्रा बैंक में लगभग ₹160 करोड़ की 16 एफडी करवाई थीं।
इनमें से 11 एफडी, जिनकी कुल राशि करीब ₹59.58 करोड़ थी, 16 फरवरी 2026 को मैच्योर हो गईं। लेकिन जब निगम ने बैंक से विवरण मांगा, तो बैंक के रिकॉर्ड और निगम के रिकॉर्ड में बड़ा अंतर पाया गया।
खाते में कम रकम मिलने से बढ़ा संदेह
जांच के दौरान सबसे बड़ा खुलासा एक बैंक खाते को लेकर हुआ। 16 मार्च 2026 को प्राप्त बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 13 मार्च को खाते में अपेक्षित ₹50.07 करोड़ की बजाय केवल ₹2.18 करोड़ ही मौजूद थे।
इसके अलावा बैंक की ओर से यह भी बताया गया कि कोई भी एफडी सक्रिय नहीं है। 18 मार्च 2026 तक संबंधित खातों में कुल शेष राशि मात्र ₹12.86 करोड़ बताई गई, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।
जांच में तेजी
एसीबी अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एफडी रिकॉर्ड और बैंक डाटा में भारी असंगतियां सामने आई हैं, जिससे यह मामला बड़े वित्तीय घोटाले की ओर इशारा कर रहा है।







