Haryana: हरियाणा में इन अधिकारियों को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने लगाई के रिलीविंग आदेश पर रोक

Published On: February 21, 2026
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These officers suffered a major setback in Haryana

Haryana: हरियाणा में इन अधिकारियों को बड़ा झटका हाईकोर्ट ने दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार के उस रिलीविंग आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके तहत 60% स्थायी दिव्यांगता से पीड़ित एक अधिकारी को सेवा से मुक्त किया गया था।

जानकारी के मुताबिक, जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पांच फरवरी 2026 को जारी आदेश की कार्यवाही अगली सुनवाई तक प्रभावी नहीं होगी। मामला अब 23 जुलाई 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है और इसे समान प्रकृति के अन्य प्रकरण के साथ सुना जाएगा। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, याचिका में डेयरी सुपरवाइजर से पदोन्नत होकर डिप्टी जनरल मैनेजर बने विशंभर सिंह ने अपने रिलीविंग आदेश को चुनौती दी है। उनका कहना है कि वे 60% स्थायी लोकोमोटर दिव्यांगता (पोस्ट पोलियो रेजिडुअल पैरालिसिस) से ग्रस्त हैं और विधिवत जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के आधार पर वे ‘बेंचमार्क दिव्यांग’ श्रेणी में आते हैं। Haryana News

जानकारी के मुताबिक, वर्ष 1998 में नियुक्ति के बाद उनके सेवा रिकार्ड को निष्कलंक बताया गया है और वर्ष 2021 में उन्हें पदोन्नति भी मिली थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि हरियाणा सरकार ने 31 जनवरी 2006 के निर्देशों के माध्यम से शारीरिक रूप से दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष की थी। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार, साथ ही हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम 2016 के नियम 143 में भी ऐसे कर्मचारियों को अपवाद के रूप में रखा गया था। अदालत को बताया गया कि तीन फरवरी 2026 को नियम 143 में संशोधन कर दिव्यांगता संबंधी अपवाद हटा दिया गया, लेकिन यह संशोधन भावी प्रभाव से लागू होना चाहिए, पूर्व से अर्जित अधिकारों को समाप्त नहीं कर सकता। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि इससे पहले एक समान मामले में अदालत अंतरिम संरक्षण दे चुकी है।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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