Haryana: हरियाणा के पलवल से बड़ी खबर सामने आ रही है। शहर के छायसा गांव में फैले हेपेटाइटिस के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाते हुए दुरेंची गांव में अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक पर छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि वहां कोई पंजीकृत डॉक्टर नहीं, बल्कि 17 वर्षीय नाबालिग छात्र मरीजों का इलाज कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए SMO हथीन की ओर से तीन सदस्यीय टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. देवेंद्र, डॉ. इम्तियाज खान और पवन शामिल थे। प्रशासन की तरफ से संजय कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, संयुक्त टीम ने गांव में दबिश दी तो बिना किसी साइनबोर्ड के एक क्लीनिक संचालित मिलता पाया। टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद एक मरीज मौके से चला गया। पूछताछ में सामने आया कि क्लीनिक चला रहा किशोर 11वीं कक्षा का छात्र है।
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग ने बताया कि उसके पिता दीन मोहम्मद अक्सर बीमार रहते हैं, जिसके चलते वह स्कूल जाने के बजाय क्लीनिक संभाल रहा था और मरीजों को परामर्श दे रहा था। हालांकि उसके पास कोई वैध डिग्री या चिकित्सकीय प्रशिक्षण नहीं है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि बिना लाइसेंस इलाज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, खासकर तब जब क्षेत्र में संक्रामक रोग का प्रकोप फैला हो।








