Rail corridor : इस एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 12 जिलों की चमकेगी किस्मत!

Published On: February 7, 2026
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A high-speed rail corridor will be built alongside this expressway.

Rail corridor : उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YUPIDA) ने गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर एक ऐसा मेगा प्लान तैयार किया है। इस एक्सप्रेस-वे की रफ्तार के साथ-साथ हाई-स्पीड रेल का रोमांच भी जुड़ेगा। यूपीडा (YUPIDA) की प्लानिंग गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे इलाकों को दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर विकसित करने की है। जिस तरह नोएडा को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर औद्योगिक, आवासीय और कमर्शियल जोन बनाए गए हैं, ठीक वैसा ही मॉडल अब प्रयागराज से मेरठ के बीच देखने को मिलेगा।

भूमि अधिग्रहण का काम तेज

मेरठ से हरदोई के बीच के हिस्से को विशेष रूप से इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी तेज हो गया है। यहां ऊंची इमारतें, आलीशान शॉपिंग मॉल और आधुनिक आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जो दिल्ली-मुरादाबाद और नोएडा-गाजियाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए एक शानदार ऑप्शन साबित होंगी।

कनेक्टिविटी होगी बेहतर

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़ाव है। मेरठ में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल के साथ एक्सप्रेस-वे को लिंक किया जाएगा। इसके अलावा, एक 91 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेस-वे भी बनाया जा रहा है, जो इटावा के पास गंगा एक्सप्रेस-वे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जोड़ देगा।

इस कनेक्टिविटी के त्रिकोण से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि हरिद्वार, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।

12 जिलों की चमकेगी किस्मत

गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के 12 मुख्य जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनने से इन जिलों के स्थानीय युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट राज्य की 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के टारगेट को हासिल करने में बैकबो’ यानी रीढ़ की हड्डी साबित होगा।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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