हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्लास्टिक प्रदूषण पर की सख्त कार्रवाई करते हुए चार सप्ताह में 1849 चालान जारी किए
चण्डीगढ़, 12 फरवरी – हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने राज्य में प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण तथा पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रवर्तन कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ किया है। यह कार्रवाई केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा अधिसूचित नियमों एवं दिशानिर्देशों के अनुपालन की जा रही है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बोर्ड द्वारा राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को निर्देश जारी किए गए हैं कि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 तथा इनके अंतर्गत अधिसूचित संशोधन नियम 2018, 2021 एवं 2022, तथा विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Producer Responsibility–EPR) दिशा निर्देश, 2022 का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
पिछले चार सप्ताह (24 दिसंबर,2025 से 20 जनवरी,2026 तक) के दौरान बोर्ड द्वारा राज्यभर में व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की गई, जिसके अंतर्गत कुल 1849 चालान जारी किए गए। इस अवधि के दौरान नियमों के उल्लंघन के मामलों में संबंधित इकाइयों पर कुल ₹15,97,300 रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं वैज्ञानिक निपटान पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अनिवार्य है। अनुपालन की निगरानी हेतु नियमित निरीक्षण, ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा सत्यापन तथा सुदृढ़ निगरानी तंत्र अपनाया जा रहा है।
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति आरोपित करने, बंदी आदेश पारित करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सभी अधिकारियों को शून्य सहनशीलता नीति के तहत नियमों को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पुनः दोहराया है कि पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बोर्ड ने सभी हितधारकों से स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्लास्टिक-मुक्त हरियाणा के निर्माण में सक्रिय सहयोग की अपील की है।
