History : देशभर में प्रसिद्ध हांसी की लाल सड़क का इतिहास, पढ़ें इसके पीछे की कहानी

Published On: January 26, 2026
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The history of Hansi's famous Red Road, known throughout the country.

History : हरियाणा के नए जिले हांसी का इतिहास बहुत पुराना है। 1803 में अंग्रेजों के कब्जे के बाद शुरुआती दौर में एक महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय और सैन्य केंद्र था। हांसी की लाल सड़क प्रदेश ही नहीं पूरे देशभर में प्रसिद्ध है। हांसी की लाल सड़क 1857 पहली क्रांति की अंग्रेजी दमन का प्रतीक है।

जानें हांसी की लाल सड़क का इतिहास

19 अगस्त 1857 को हिसार-हांसी की लड़ाई के बाद अंग्रेजों ने सैकड़ों क्रांतिकारियों को सड़क पर लिटाकर रोड रोलर से कुचल दिया था. इस नरसंहार में शहीदों के खून से सड़क लाल हो गई थी, जिसे आज भी हांसी में लाल सड़क के नाम से याद किया जाता है. इनकी याद यहां शहिद स्मारक भी बनाया है. 26 जनवरी को इन शहीदों की याद में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल इनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

क्रांतिकारियों को रोड रोलर से कुचला

आपको बता दें कि हांसी के क्रांतिकारी लाला हुकम चंद जैन, फकीर चंद जैन, नंदा जाट, रूपराम खाती और मुनीर बेग के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना से लोहा ले रहे थे. इस भीषण मुकाबले के बाद, अंग्रेजों ने विद्रोह को कुचलने के लिए क्रांतिकारियों को हांसी के किले के पास की मुख्य सड़क पर निदर्यता पूर्वक रोड रोलर से मसल दिया था.

कैसे पड़ा लाल सड़क का नाम?

सड़क पर इतना खून बह गया था कि उसे लाल सड़क कहा जाने लगा. अब यह सड़क सीमेंट की बनी है लेकिन इसे अमर शहीदों की याद में लाल रंग से रंगा गया है.

हांसी के लोगों ने बताया कि 1857 की क्रांति में लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. अंग्रेज अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. अंग्रेजों ने सैकड़ों क्रांतिकारियों को लिटाकर ऊपर से रोड रोलर चलवा दिया था. सड़क पर खून ही खून हो गया था. तब से इसका नाम इतिहास के पन्नो में लिखा गया. तब से इसको लाल सड़क कहा जाने लगा है.

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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