न्यूजहरियाणामनोरंजनटेकराजनीतिभारतराशिफलखेल

Haryana: हरियाणा में प्रॉपर्टी NOC घोटाला, इन जिलों में होगी इंटरनल जांच

On: January 4, 2026 10:21 AM
Follow Us:
Haryana: हरियाणा में प्रॉपर्टी NOC घोटाला, इन जिलों में होगी इंटरनल जांच

Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में सोनीपत में प्रापर्टी NOC घोटाला उजागर होने के बाद अब दो और जिले गुरुग्राम और रोहतक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) ने इंटरनल जांच शुरू करने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, विभाग दूसरे जिलों के म्यूनिसिपल कमिश्नर और टेक्निकल ऑफिसर्स को शामिल कर कमेटी बनाकर जांच को कराएगा।

मिली जानकारी के अनुसार, ये कमेटी पिछले दो साल यानी 2023-24 और 2024-25 में कॉलोनियों को जारी की गई नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की जांच करेगी। यूएलबी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन दो जिलों के बाद अन्य जिलों में भी दूसरे जिलों के अधिकारियों को लेकर कमेटी बनाई जाएगी और जांच की जाएगी।

इन वजहों से लिया फैसला…

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा खेल Property ID में जानबूझकर बदलाव कर अवैध कॉलोनियों और अन-अप्रूव्ड एरिया में NOC जारी करने से जुड़ा है। दरअसल, पिछले कुछ महीनों से मुख्यालय स्तर पर तीन जिलों सोनीपत, गुरुग्राम और रोहतक की लगातार शिकायतें पहुंच रही थी।

Haryana News: हरियाणा के नगर पालिका शाहाबाद के जेई निलंबित,सचिव को चार्जशीट के आदेश

जानकारी के मुताबिक, रिकॉर्ड के अनुसार साल 2020 में सोनीपत जिले में करीब 1.40 लाख Property ID थीं, जो अब बढ़कर 1.98 लाख हो गई। इस दौरान लगभग 58 हजार नई आईडी बनाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि कई अन-अप्रूव्ड एरिया में नियमों को ताक पर रखकर Property ID बना दी गई, जिसका फायदा उठाकर लोगों ने रजिस्ट्री तक करवा ली। सोनीपत के अलावा अन्य जिलों में भी ऐसे मामले मिल रहे।

ऐसे कराई जांच

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर साल 2020 से अब तक बनी Property ID की जांच के लिए कमेटी गठित गई। कमेटी ने जांच के दौरान सोनीपत नगर निगम एरिया में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस कमेटी में पानीपत, सोनीपत और फरीदाबाद के अधिकारी शामिल किए गए थे।

जानकारी के मुताबिक, इसके साथ ही जांच के लिए एक तकनीकी विशेषज्ञ की मदद ली गई, जिसने पिछले पांच वर्षों में बनी Property ID का रेंडम डेटा उठाकर उसका विश्लेषण किया। जांच में बड़ी संख्या में अनियमितताएं सामने आईं।

हरियाणा में बनेगी देश की पहली ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मिली जानकारी के अनुसार, Property ID में गड़बड़ी के पीछे की बड़ी वजह भी सामने आई है। जांच में ये भी बात सामने आई है कि इस खेल में जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अवैध कॉलोनी के इस खेल में 1000 से 1500 रुपए प्रति गज का सौदा होता है। ये पैसा कमेटी और निगम दोनों को जाते हैं।

क्या हैं नियम

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा में कॉलोनी की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) का प्रोसेस कॉलोनी की स्थिति (वैध/अवैध) और विकास के स्तर पर निर्भर करता है, लेकिन मुख्य रूप से नगर नियोजन विभाग (DTCP) या संबंधित स्थानीय निकाय के माध्यम से आवेदन करना होता है, जिसमें कॉलोनी के विकास, सुविधाओं (सड़क, पानी, सीवेज) की जांच होती है। नियमितीकरण शुल्क का भुगतान करने के बाद ही NOC मिलती है, खासकर अवैध कॉलोनियों के लिए सरकार ने प्रक्रिया आसान की है, जहां स्व-घोषणा और शुल्क के आधार पर भी NOC मिल सकती है।

मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा में कृषि भूमि पर सीधे कॉलोनी काटना गैरकानूनी है और अवैध माना जाता है, लेकिन लैंड यूज चेंज (CLU) और सरकारी नियमों का पालन करते हुए कृषि भूमि को आवासीय या फार्महाउस के लिए बदला जा सकता है, जिसके लिए जिला कलेक्टर और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट (DTCP) से अनुमति लेनी होती है। अन्यथा, अवैध कॉलोनियों के खिलाफ FIR और जुर्माने का प्रावधान है, हालांकि सरकार कुछ पुरानी अवैध कॉलोनियों को नियमित भी करती है।

Clouds will rain again in Haryana on this day
Haryana Weather : हरियाणा में इस दिन फिर बरसेंगे बादल, चलेंगी ठंडी हवाएं

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां गुरुग्राम, फरीदाबाद और यमुनानगर जैसे जिलों में हैं, जहां शहरीकरण तेजी से बढ़ा है, और सरकार द्वारा इन्हें नियमित करने की प्रक्रिया जारी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, यमुनानगर में अवैध कॉलोनियों की संख्या सबसे अधिक हैं, बताया जा रहा है कि इस जिले में सत्ताधारी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment