Success Story : पिता का सपना बेटी ने किया पूरा, 2 बार क्रैक किया UPSC; बनी IAS अफसर

Published On: December 12, 2025
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Mudra Gairola cracked UPSC twice

Success Story : UPSC को देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कई उम्मीदवार कई बार प्रयास करने के बाद भी यूपीएससी एग्जाम क्रैक नहीं कर पाते। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी IAS के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर दो बार UPSC क्रैक किया। जी हां…हम बात कर रहे है IAS मुद्रा गैरोला की।

10वीं-12वीं में भी टाॅपर

मुद्रा गैरोला उत्तराखंड के चमोली जिले की रहने वाली हैं। एक इंटरव्यू में वह बताती हैं कि वह हमेशा पढ़ाई में तेज रहीं। उन्होंने CBSE बोर्ड एग्जाम में बहुत अच्छा किया। क्लास 10 में 96 प्रतिशत और क्लास 12 बोर्ड एग्जाम में 97 प्रतिशत नंबरों के साथ टॉप पोजीशन हासिल की।

BDS की डिग्री के बाद तैयारी

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुद्रा ने BDS की डिग्री ली। यहां उन्हें शानदार परफाॅर्मेंस के लिए गोल्ड मेडल भी मिला। डेंटिस्ट्री के फील्ड में अपनी कामयाबी के बाद भी उन्हें सिविल सर्विस अधिकारी बनना था।

पिता बनना चाहते थे IAS

मुद्रा के पिता अरुण गैरोला भी सिविल सर्विस में जाना चाहते थे लेकिन कुछ परिस्थितियों की वजह से वह अधिकारी नहीं बन पाए। इसलिए वह चाहते थे कि बेटी IAS बने। इसके बाद मुद्रा ने तैयारी शुरू की। 2021 में UPSC एग्जाम में 165वीं रैंक हासिल की और IPS बनीं।

ऐसे तय किया IAS का सफर

IPS बनने के बाद मुद्रा रुकी नहीं क्योंकि सपना IAS बनने का ही था। यही वजह थी कि वह तैयारी करती रहीं और UPSC सिविल सर्विस परीक्षा 2023 में शामिल हुईं। इस 53वीं रैंक हासिल कर अपना और अपने पिता का सपना पूरा किया।

परिवार का रहा सपोर्ट

मुद्रा का IAS बनने का सफर आसान नहीं था। उन्होंने पहली बार 2018 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी, इंटरव्यू तक पहुंचीं लेकिन सेलेक्शन नहीं हुआ। फिर दूसरी और तीसरी बार (2019 और 2020) में एग्जाम दिया लेकिन सफलता नहीं मिली।

हालांकि, वह आगे बढ़ती रहीं और 2021 में 165वीं रैंक और 2023 में 53वीं रैंक हासिल कर 2 बार एग्जाम क्रैक किया। वह अपनी सफलता के लिए परिवार से मिले सपोर्ट और प्रेरणा को मानती हैं।

 

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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