Success Story: महज 22 साल की उम्र में बनी IAS, बिना कोचिंग के पहले प्रयास में क्रैक की UPSC; यहां पढ़ें संघर्ष की कहानी

Published On: November 23, 2025
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Became an IAS officer at the age of 22

Success Story : UPSC की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों युवा इसकी तैयारी करते हैं लेकिन कुछ चुनिंदा युवा ही इसमें सफल हो पाते हैं। कुछ युवा कई प्रयासों के बाद भी परीक्षा पास करने में असफल हो जाते हैं, लेकिन कुछ होनहार युवा पहले ही प्रयास में यूपीएससी पास कर सफलता प्राप्त कर लेते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी अफसर के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने बेहद ही कम उम्र में बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी क्लियर कर लिया। वह भारत की सबसे कम उम्र की IAS अधिकारियों में से एक बन गईं। आइए पढ़ते हैं इस होनहार अफसर की सक्सेस स्टोरी।

बिना किसी कोचिंग के की UPSC परीक्षा पास

IAS चंद्रज्योति सिंह UPSC उम्मीदवारों के लिए एक आदर्श हैं। दरअसल, उन्होंने बिना किसी कोचिंग के और सिर्फ 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर ली। उन्होंने पूरे देश में 28वीं रैंक हासिल की। ​​इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना दूसरों को प्रोत्साहित करता है। आपको बता दें कि चंद्रज्योति के पिता दलबारा सिंह रिटायर्ड कर्नल हैं और उनकी मां लेफ्टिनेंट कर्नल मीना सिंह सेना से रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट हैं।

10वीं-12वीं में भी शानदार प्रदर्शन

आईएएस अधिकारी चंद्रज्योति सिंह हमेशा से ही पढ़ाई में बहुत अच्छी रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एपीजे स्कूल, जालंधर से कक्षा 10 में परफेक्ट 10 सीजीपीए और भवन विद्यालय, चंडीगढ़ से कक्षा 12 में 95.4% अंक हासिल किए हैं।

DU से ग्रेजुएशन

स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से 7.75 सीजीपीए के साथ इतिहास में ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की है।

ऐसे की तैयारी

ग्रेजुएशन के बाद चंद्रज्योति ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने एक अच्छी स्टडी प्लान बनाई, करंट अफेयर्स पर ध्यान दिया और नियमित रिवीजन के साथ मॉक टेस्ट भी दिए। वह हर दिन 6-8 घंटे पढ़ाई करती थी। अपनी लगन और कड़ी मेहनत से उन्होंने 2019 में पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली और पूरे भारत में 28वीं रैंक हासिल की। ​​उनकी सफलता की कहानी आज यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक प्रेरणा है।

Sahab Ram

साहब राम "द न्यूज़ रिपेयर" के एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। साहब का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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