Success Story: UPSC की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल देशभर के लाखों छात्र IAS, आईपीएस (IPS) या आईएफएस (IFS) अधिकारी बनने का सपना देखते हैं, लेकिन, उनमे से कुछ चुनिंदा उम्मीदवार ही UPSC क्रैक कर अपने सपने को पूरा कर पाते हैं। लेकिन आज हम आपको बिहार की बेटी डॉ. आकांक्षा आनंद की सफलता के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC क्रैक की। जी हां… आकांक्षा ने Youtube से पढ़ाई कर सफलता हासिल की है।
आपको बता दें कि वेटनरी ऑफिसर के तौर पर जानवरों की डाॅक्टर बनीं लेकिन उन्होंने IAS बनने का सपना नहीं छोड़ा। आकांक्षा आनंद की सक्सेस स्टोरी मेहनत, संघर्ष और संकल्प की दास्तां है जो दूसरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
आकांक्षा ने ऐसे की शुरुआत
आकांक्षा आनंद बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली हैं। एक इंटरव्यू में वह बताती हैं कि उनका परिवार साधारण था। मां टीचर थीं और उनके पिता हेल्थ डिपार्टमेंट में क्लर्क की पोस्ट पर थे। इसके बावजूद उन्होंने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने की हिम्मत भी दिखाई। आकांक्षा ने पटना वेटनरी कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई कंप्लीट की। यहां वह गोल्ड मेडलिस्ट रहीं। काॅलेज की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का सपना बुना। IAS बनने की दिशा में खुद को ले गईं और इसी लक्ष्य के साथ UPSC की राह पकड़ ली।
बिना कोचिंग बनीं IAS
आकांक्षा ने यूपीएससी की तैयारी के लिए बड़े शहर की कोचिंग को न कहा। खुद ही मेहनत और आत्मविश्वास के साथ बढ़ती रहीं। रोजाना सेल्फ स्टडी के साथ-साथ उन्होंने YouTube वीडियोज, ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल पर फोकस किया। उनकी तैयारी के दौरान इंटरनेट या डिजिटल के ये मीडियम बहुत काम आए। Success Story
नौकरी और तैयारी, दोनों को साथ संभाला
UPSC की तैयारी के दौरान ही आकांक्षा की नियुक्ति वेटनरी ऑफिसर के पद पर हो गई और उन्हें सीतामढ़ी में पोस्टिंग मिली। हालांकि, उनकी जॉइनिंग उस समय हुई, जब उनका UPSC इंटरव्यू भी था। जानवरों का इलाज करते और उनके रोगों की रोकथाम के उपाय बताते हुए परीक्षा की तैयारी को मैनेज करना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने दोनों को संभाल लिया।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता
पहले प्रयास में वह यूपीएससी का प्रीलिम्स क्रैक नहीं कर पाईं। हालांकि, वह आगे बढ़ती रहीं और दोबारा प्रयास किया। सही दिशा में तैयारी के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में 205वीं रैंक हासिल की और अपना IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी स्टोरी साबित करती है कि मेहनत से और सही दिशा में फोकस के साथ आगे बढ़ने पर बिना कोचिंग के भी सफलता पाई जा सकती है। Success Story













