हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देते हुए ट्यूबवेल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान दिसंबर 2025 तक स्थगित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही बाढ़ पीड़ित किसानों से फसली ऋण की वसूली भी फिलहाल बंद रखने का फैसला किया गया है। यह राहत करीब 7.10 लाख किसानों को फायदा पहुंचाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की राहत घोषणाएं
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ट्यूबवेल कनेक्शन बिजली बिल भुगतान: जुलाई 2025 तक के बिल अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जनवरी 2026 तक जमा किए जा सकेंगे। इससे 7.10 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
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फसली ऋण वसूली स्थगन: जिन गांवों में बाढ़ से 50% से अधिक फसलें खराब हुईं, वहां के किसानों से खरीफ सीजन के फसली ऋण वसूली को स्थगित कर दिया गया है। साथ ही इन किसानों को आगामी रबी सीजन के लिए नया फसल ऋण भी उपलब्ध करवाया जाएगा, जिससे करीब 3 लाख किसानों को राहत मिलेगी।
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मुआवजा राशि का भुगतान: मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक कुल 2,386 प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 4.72 करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। इसमें 2,371 मकानों की क्षतिपूर्ति हेतु 4.67 करोड़ रुपये और 13 मृत पशुओं के लिए 4.21 लाख रुपये शामिल हैं।
फसल क्षतिपूर्ति एवं सरकारी खरीद अपडेट
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ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: अब तक 6,397 गांवों के 5.37 लाख किसानों ने 31 लाख एकड़ क्षेत्र के फसल नुकसान के लिए इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है।
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मुआवजा प्रावधान: पानी से प्रभावित फसलों को लेकर प्रति एकड़ 15,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। दिवाली से पहले प्रभावित किसानों को यह राशि मिलना सुनिश्चित होगा।
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धान और बाजरा खरीद: राज्य में 30 सितंबर तक पांच लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई, जिसमें से 3.58 लाख टन की खरीद हो चुकी है। किसानों के खाते में 109 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसी तरह, 187 टन बाजरा सरकारी खरीद एजेंसियों के साथ-साथ व्यापारियों द्वारा खरीदा गया है।
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भावांतर भुगतान: अगर किसी कारण से बाजरे का मूल्य कम मिला है, तो सरकार मूल्य अंतर की भरपाई करेगी।
मंत्रियों की मौजूदगी में राहत योजनाओं की घोषणा
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और विधायक रणधीर पनिहार भी मुख्यमंत्री के साथ इस ऐलान में मौजूद रहे।









