Haryana : हरियाणा सरकार का दावा किया है कि GST दरों में हुए बदलाव से प्रदेश के लोगों को करीब चार हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। साथ ही हरियाणा के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर GST सुधारों की जो घोषणा की थी उसे एक महीने के भीतर लागू कर दिया गया है। यह मोदी की गारंटी का प्रमाण है जो हमेशा पूरी होती है। PM द्वारा किए गए स्वदेशी, मेक इन इंडिया आह्वान को साकार करने में भी ये सुधार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
GST स्लैब में हुए बदलाव को लेकर उन्होंने शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में नागरिकों पर बोझ कम करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने से रोजमर्रा के उपयोग का सामान सस्ता होगा। इसलिए मध्यम वर्ग की बचत बढ़ेगी और आगामी त्योहारों के सीजन में खरीदारी से बाजार को बड़ा लाभ होगा। अब देश में जीएसटी की सिर्फ दो ही मानक दरें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रहेगी।
इसके अलावा अहितकारी वस्तुओं के लिए विशेष दर 40 प्रतिशत सहित अन्य विशेष दरें रखी गई हैं। दो दरों 12 प्रतिशत व 28 प्रतिशत को समाप्त कर दिया गया है। लोगों पर टैक्स का बोझ और कम करने के लिए सेस को भी खत्म कर दिया गया है। सीमेंट पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत की गई है। इससे निर्माण लागत कम होगी और हरियाणा में बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा। लोगों के लिए मकान बनाना आसान हो जाएगा।
कृषि उपकरणों पर GST कम
CM ने कहा कि हरियाणा ने केंद्र से कृषि उपकरणों पर जीएसटी घटाने का अनुरोध किया था। केंद्र ने जीएसटी सुधारों में किसानों के हित को ध्यान में रखा और जीएसटी दरों में कमी की है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रोटी और परांठा जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों पर जीएसटी पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। इससे हरियाणा के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
किसानों को अपनी फसलों का मूल्यवर्धन करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सिंचाई और जुताई मशीनरी पर जीएसटी दर को घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है। इससे कृषि उपकरणों की लागत कम होगी। ट्रैक्टर और ट्रैक्टर पुर्जों पर भी जीएसटी दरों को कम किया गया है। 1800 सीसी से कम इंजन क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।
हरियाणा GST कलेक्शन में 5वें स्थान पर
CM ने कहा कि 2018-19 में हरियाणा का एसजीएसटी संग्रह 18 हजार 910 करोड़ रुपये था। 2024-25 में बढ़कर यह आंकड़ा 39 हजार 743 करोड़ रुपये हो गया जो 110 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2024-25 में कुल सकल जीएसटी संग्रह में हरियाणा देश के प्रमुख राज्यों में 5वें स्थान पर रहा। इस साल भी उम्मीद है कि एसजीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होगी। माैके पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह, सूचना जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय मौजूद रहे।








