Shamli Gorakhpur Expressway : केंद्र सरकार द्वारा लोगों को बेहतर यातायात सुविधा देने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे, हाईवे और सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसी बीच शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस प्रोजेक्ट का ड्रोन सर्वे पूरा हो गया है और दीपावली तक इसकी DPR भी तैयार हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक, सात चरणों में शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य किया जाएगा।
35 हजार करोड़ आएगा खर्च
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक सफर आसान हो जाएगा। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे करीब 750 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। जिसकी लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये आएगी। यह एक्सप्रेसवे यूपी की सड़कों का स्वरूप बदल देगा।
22 जिलों-36 तहसीलों को करेगा कनेक्ट
शामली के थानाभवन क्षेत्र के गोगवान जलालपुर गांव से इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत होगी। यह उत्तर प्रदेश के 22 जिलों और 36 तहसीलों से होकर गुजरने वाला है. यह गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। पहले शामली से गोरखपुर तक एक्सप्रेसवे बनाने की प्लानिंग थी, लेकिन बाद में इसे पानीपत से जोड़ने का प्रस्ताव बना। अब यह एक्सप्रेसवे पानीपत-शामली-गोरखपुर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। Expressway
किसानों की होगी चांदी
शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे जिन 22 जिलों से गुजरने वाला है, उनमें मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर और गोरखपुर का नाम शामिल है। इन जिलों के किसानों की चांदी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले साल की शुरुआत में अधिसूचना जारी होगी।
शामली से ही सबसे पहले निर्माण कार्य शुरू होगा। एक्सप्रेसवे बनने से न सिर्फ औद्योगिक विकास और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक सफर सिर्फ 6 घंटे में पूरा हो जाएगा। Expressway








