Haryana : हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दौरान कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। CM नायब सिंह सैनी द्वारा बजट अभिभाषण में पांच वर्ष में दस नए आईएमटी खोलने की घोषणा इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। 5 आईएमटी बनाने की घोषणा की जा चुकी है। एक आईएमटी के लिए कम से कम 1500 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। इसके अनुरूप औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं।
लोहारू विधानसभा क्षेत्र से जुड़े प्रश्न के उत्तर में राव नरबीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में लोहारू में कोई औद्योगिक संपदा विकसित करने का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि भिवानी जिले की अंतिम विकास योजना-2025 में 29 व 30 सेक्टर को ‘अनअर्जित औद्योगिक क्षेत्र’के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां आवश्यकता अनुसार भूमि अधिग्रहण संभव है। Haryana
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नीतियां क्रियान्वित की जा रही हैं। इनमें हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति (HEEP)-2020, हरियाणा लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग एवं रिटेल नीति-2019, वाहन स्क्रैपेज एवं रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति-2024, हरियाणा स्टार्टअप नीति-2022, कृषि व्यवसाय एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2018, तथा हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति (PADMA) और क्लस्टर प्लग एंड प्ले योजना शामिल हैं।
इन नीतियों का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक आधारभूत ढाँचे को मजबूत करना, निवेश आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उद्योग मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि महेन्द्रगढ़ जिले के खुडाना में आईएमटी प्रस्तावित है। ई-भूमि पर अगर सदस्य जमीन उपलब्ध करवाते हैं तो आईएमटी जल्द स्थापित की जाएगी। Haryana








