अलीगढ़ से हरियाणा तक नए एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू, सफर होगा और आसान, इन लोगों की होगी मौज

Published On: May 4, 2025
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हरियाणा

उत्तर प्रदेश में एक और एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो गया है, जो पश्चिमी यूपी से हरियाणा तक यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा। यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे अलीगढ़ से हरियाणा के पलवल तक बनाया जा रहा है। इसके जरिए अलीगढ़, मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद के लोग गुरुग्राम तक जल्दी पहुंच सकेंगे।


कहां से कहां तक बनेगा एक्सप्रेसवे?
यह एक्सप्रेसवे टप्पल में यमुना एक्सप्रेसवे और पलवल में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज से जुड़ेगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 32 किलोमीटर होगी।


कितनी होगी लागत?
इस परियोजना के निर्माण पर करीब 2300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह एक्सप्रेसवे अलीगढ़ से आगरा, मथुरा, दिल्ली, एनसीआर, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, पलवल और गुरुग्राम तक के सफर को तेज बनाएगा।


कितनी घटेगी यात्रा का समय?
सारसौल से यमुना एक्सप्रेसवे तक की यात्रा अब करीब 1 घंटे में पूरी हो सकेगी, जिससे मथुरा, आगरा और अन्य शहरों तक पहुंचने में समय की बचत होगी।


जमीन अधिग्रहण की स्थिति
इस एक्सप्रेसवे के लिए अलीगढ़ जिले के लगभग 43 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इनमें अंडला, अर्राना, जरारा, चौधाना, तरौरा, नयावास, रसूलपुर, ऐंचना, उदयगढ़ी, बमौती, लक्ष्मणगढ़ी, मऊ, बांकनेर आदि गांव शामिल हैं।


कौन-कौन से अन्य गांव प्रभावित होंगे?
इसके अलावा धर्मपुर, नगला अस्सू, दमुआका, खैर, उसरहपुर रसूलपुर, नागल कलां और कई अन्य गांवों की भूमि भी इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाएगी।


क्या होंगे फायदे?

  • अलीगढ़ से नोएडा और गुरुग्राम की दूरी कम होगी।

  • नोएडा से गुरुग्राम की यात्रा में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

  • व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

  • तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।


यह नया एक्सप्रेसवे यूपी और हरियाणा के बीच संपर्क को और मजबूत करेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सहायक बनेगा।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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