हरियाणा के इस गांव के लोग बने “टापूवासी” हर रोड छोड़ रहे लोग गांव, जानें क्या है बड़ी वजह?

Published On: January 10, 2025
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हरियाणा न्यूज:  हरियाणा के नूंह जिले का जेवंत गांव पिछले तीन महीनों से पानी में डूबा हुआ है। चारों तरफ फैला जलभराव ऐसा दृश्य प्रस्तुत करता है जैसे यह गांव एक टापू बन गया हो। ग्रामीण बाढ़ जैसी गंभीर परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

गांव के हालात: पानी में घिरे मकान और टूटा संपर्क

सितंबर से जारी मानसूनी बारिश के बाद से ही यह गांव जलमग्न है। गांव की सड़कें पानी में डूब चुकी हैं और अन्य गांवों व शहरों से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है। परिवहन के साधन खत्म हो चुके हैं, और लोगों को अब ट्यूब जैसी अस्थायी चीजों का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल जाने के लिए इसी ट्यूब का इस्तेमाल कर रहे हैं, और ग्रामीण अपने रोजमर्रा के काम के लिए इसे ही सहारा बना रहे हैं।

दैनिक जीवन पर प्रभाव: खेत बर्बाद और फसल की बुवाई पर असर

लगातार जलभराव के कारण गांव के खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। किसानों के लिए रबी की फसल बोना भी असंभव हो गया है, जिससे उनकी आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। खेती न कर पाने के कारण ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है।

पलायन की मजबूरी: घर छोड़ रहे परिवार

गांव में पानी भरने और जीवन की कठिन परिस्थितियों के कारण कई परिवार अपना घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। वे अन्य सुरक्षित स्थानों पर जाकर रहने लगे हैं।

जिंदगी की जद्दोजहद: ट्यूब ही सहारा

गांव के लोग अब रोजमर्रा के कामों के लिए 500 मीटर दूर मेन रोड तक ट्यूब के सहारे पहुंचते हैं। यह साधन उनका अस्थायी लेकिन महत्वपूर्ण सहारा बन गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दैनिक जरूरतों के लिए बाहर जाने वाले लोग इसी माध्यम का उपयोग कर रहे हैं।

नूंह जिले के जेवंत गांव की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। लंबे समय से चले आ रहे जलभराव ने ग्रामीणों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। यह स्थिति प्रशासनिक हस्तक्षेप और राहत कार्यों की आवश्यकता को उजागर करती है।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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