हरियाणा और पंजाब के शंभू व खनौरी बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन को 10 महीने पूरे, पीएम मोदी और सीएम के पुतले जलाने की तैयारी

Published On: December 13, 2024
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अंबाला: हरियाणा और पंजाब के शंभू बॉर्डर और खनौरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन 10 महीने पूरे कर चुका है। इस मौके पर खनौरी बॉर्डर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के पुतले जलाने की योजना है।

जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत नाजुक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
पिछले 18 दिनों से मरणव्रत पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। गुरुवार को अमेरिका से आए कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टरों और सरकारी डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की। रिपोर्ट में डल्लेवाल की हालत को गंभीर बताया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी किडनी डैमेज हो सकती है और उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता की आवश्यकता है।

डॉक्टरों की टीम ने कहा कि वे 24 घंटे डल्लेवाल की हालत पर नजर बनाए हुए हैं। सरकारी डॉक्टरों ने भी अपनी रिपोर्ट किसान नेताओं को सौंपी, जिसमें दोनों रिपोर्ट एक समान निकलीं।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता करेंगे मरणव्रत पर चर्चा
पहली बार संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता, जिनमें राकेश टिकैत, हरिंदर सिंह लखोवाल समेत 10 अन्य नेता शामिल हैं, डल्लेवाल से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान प्रदर्शन को और तेज करने और आंदोलन की रणनीति को लेकर चर्चा की संभावना है।

अंबाला के डीसी ने जताई चिंता
इस बीच, अंबाला के डिप्टी कमिश्नर ने संगरूर के डीसी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल का वजन तेजी से घटा है और उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि आंदोलन के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे और इसका प्रदर्शन पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े।

हाईकोर्ट में मरणव्रत खत्म कराने की याचिका दाखिल
एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में डल्लेवाल के मरणव्रत को खत्म करवाने और उन्हें जरूरी चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने की मांग की गई है। उम्मीद है कि इस याचिका पर आज सुनवाई होगी।

खून से लिखा पत्र, पीएम मोदी से वादे निभाने की अपील
गुरुवार को डल्लेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपने खून से हस्ताक्षर किए। इस पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की और इसे अपना पहला और आखिरी पत्र बताया। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए किसानों से अगले हफ्ते तक प्रदर्शन में डटे रहने की अपील की।

किसानों की आगे की रणनीति: दिल्ली कूच और ट्रैक्टर मार्च
किसानों ने 14 दिसंबर को तीसरी बार दिल्ली की तरफ कूच करने की घोषणा की है। 16 दिसंबर को पंजाब को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे। इस दिन राष्ट्रपति के नाम डीसी और एसडीएम कार्यालयों में मांग पत्र सौंपे जाएंगे।

दो बार पुलिस से टकराव, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल
किसानों ने 6 और 8 दिसंबर को दिल्ली कूच की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया। इस दौरान किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इन झड़पों में 15 से अधिक किसान घायल हुए, जिनमें से एक को पीजीआई रेफर करना पड़ा।

किसानों का संकल्प
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। उनके विरोध ने न केवल हरियाणा और पंजाब बल्कि पूरे देश में चर्चा को जन्म दिया है। आंदोलन को और तेज करने की रणनीति आने वाले दिनों में सामने आएगी।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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