𝐂𝐡𝐚𝐧𝐝𝐢𝐠𝐚𝐫𝐡 𝐍𝐞𝐰𝐬 : आदित्य सुरजेवाला ने सदन में कहा, विदेशों में पलायन कर रहे युवा, DAP खाद की कमी से किसान कर रहा आत्महत्या

Published On: November 14, 2024
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कैथल में सिटी-बैंक सक्वेयर, मेडिकल कॉलेज, संस्कृत यूनिवर्सिटी, पीने के पानी व वार्डों में विकास कार्यो में किए जा रहे भेदभाव को लेकर भाजपा सरकार से किए सवाल !



By, Ran Singh Chauhan 

चंडीगढ़ DIGITAL DESK|| हरियाणा हरियाणा विधानसभा का सत्र आज से शुरू हो चुका है। यह सत्र 𝟏𝟑, 𝟏𝟒 और 𝟏𝟖 नवंबर को तीन दिन चलेगा। विधानसभा सत्र में सत्ता पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने अपनी बात रखी। इसी मुहिम में कैथल से कांग्रेस के विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सदन में अपना पक्ष रखते हुए कैथल हल्के की समस्याओं सहित विदेशों में पलायन कर रहे नौजवानों और डीएपी खाद की अपार कमी से आत्महत्या कर रहे किसानों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल खडे किए।

आदित्य सुरजेवाला ने अपने अभिभाषण में सबसे पहले कैथल की जनता का धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें भारी मतों से विजयी बनाकर सबसे कम उम्र के विधायक बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 



आदित्य सुरजेवाला ने कैथल की बात करते हुए कहा कि 𝟐𝟓 अक्टूबर 𝟐𝟎𝟏𝟓 को भाजपा सरकार ने कैथल में महर्षि वाल्मीकि संस्कृत यूनिवर्सिटी की घोषणा की, लेकिन साढ़े 𝟗 साल में आज तक उस यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग तक कहीं नहीं दिखाई दे रही। 


पता नहीं भाजपा ने उस यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग बादलों में कहीं बना दी है। इसके अतिरिक्त 𝟏𝟎 सालों से कैथल शहर में सिटी सक्वेयर, बैंक सक्वेयर, भाई उदय सिंह किला के सामने पार्किंग लॉज का ज्यों का त्यों पड़ा है। बल्कि भाजपा सरकार की रहनुमाई में सब प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े हुए हैं।

टेंडर लगते हैं, कैंसिल हो जाते हैं लेकिन काम शुरू नहीं होता। 𝟓 साल पहले कैथल में मेडिकल कॉलेज निर्माण की बात की जाती है लेकिन अभी तक सिर्फ पिल्लर ही खडे किए गए इस हिसाब से तो इस मेडिकल कॉलेज को बनने में 𝟓𝟎 साल लग जाएंगे।

आदित्य सुरजेवाला ने कैथल शहर के वार्डों में भाजपा द्वारा किए गए विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर भी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा कैथल के 𝟏𝟔 वार्डों में कोई विकास कार्य नहीं करवाया जा रहा। 


पीने के पानी, सफाई व्यवस्था, टूटी सड़कें, टूटी गलियों, गंदगी से कैथल को बदहाली पर लाकर खड़ा कर दिया है। कैथल शहर के अधिकतर सेक्टर में नहर का पीने का पानी नहीं मिलता। बोरवेल का पानी दिया जा रहा है, जिससे लोग और बच्चे बीमार हो रहे हैं।

आदित्य सुरजेवाला ने हरियाणा में फ़ैल रही भयंकर बेरोजगारी को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा का युवा बेरोजगारी के कारण विदेशों में पलायन कर रहा है। अपनी जमीन बेचकर विदेशों में मौत का ग्रास बन रहा है। 


परिवारजन बच्चों को विदेशों में भेजने के लिए जमीन बेच रहे हैं और जब युवा विदेशों में फंस जाते हैं या मौत का ग्रास बन जाते हैं तो उनके शव को वापिस लाने के लिए फिर जमीन बेचनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि जब मैं 𝟐𝟎𝟏𝟖 में कनाडा में पढ़ाई करता था उस समय मुझे कनाडा में मुश्किल से हरियाणा के बच्चे 𝟐𝟎 प्रतिशत से 𝟑𝟎 प्रतिशत मिलते थे। 

लेकिन जब मैं वापिस 𝟐𝟎𝟐𝟑 में भारत आया उस समय कनाडा में 𝟔𝟎 प्रतिशत से 𝟖𝟎 प्रतिशत युवा हरियाणा का मिला। ये हाल है हरियाणा में बेरोजगारी का। आज रोजगार नहीं मिलने के चलते प्रदेश के युवा देश छोड़ रहे हैं। युवाओं के सपने चूर-चूर हो गए हैं, इसलिए वह विदेश का रुख कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस सदन के सदस्य रहे पूर्व मंत्री और मेरे दादा शमशेर सिंह सुरजेवाला का जब निधन हुआ तो, मैं भारत वापस कनाडा से नहीं आ सका था। इसका दुख मुझे आज भी है। तो उन लाखों युवाओं का क्या हाल होता होगा? सरकार को युवाओं का प्लायन रोकना होगा, इस विषय पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है।

डीएपी खाद की कमी को लेकर पर विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार को घेरा। आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि आज हरियाणा का किसान त्राहिमाम त्राहीमाम कर रहा है। आज किसान ब्लैक में डीएपी खाद खरीदने को मजबूर है। लाइन में लगने वाले किसानों को खाद की बजाय लाठी मिल रही है। 


आज किसान आत्महत्या करने की स्थिति में आ गया है। भिखेवाला गांव के मृतक किसान के प्रियजनों का कहना था कि जब उनके पिता डीएपी लेने गए थे, तो उन्हें मिला नहीं और वह काफी परेशान थे। जिस कारणवश उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। आज हरियाणा में 𝟐 लाख टन डीएपी की कमी है।

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कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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