Haryana News: हरियाणा सरकार को हाई कोर्ट का झटका, नहीं मिलेगा प्रमोशन पर आरक्षण, पढ़ें

Published On: January 16, 2024
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Haryana News: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की एकल पीठ ने अनुसूचित जाति (एससी) कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के हरियाणा सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। 

इस मामले के लिए मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति अमन चौधरी की खंडपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 7 फरवरी 2024 की तारीख तय की है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से कहा है कि किसी भी कर्मचारी का प्रमोशन नहीं किया जाएगा।

याचिकाकर्ता की अपील पर हुआ फैसला

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने राज्य परिषद की याचिका स्वीकार करते हुए हरियाणा सरकार को अदालत की सहायता करने का एक और मौका भी दिया। हाई कोर्ट ने यह फैसला कमलजीत सिंह और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर लिया है।

क्या था हरियाणा सरकार का फैसला?

उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया था कि 7 अक्टूबर 2023 को लागू निर्देशों के अनुसार पदोन्नति उन निर्देशों को चुनौती देने वाली रिट याचिकाओं में निर्णय के अधीन होगी, जिसके द्वारा मानव संसाधन विभाग ने निर्देश दिया था। 

हरियाणा ने दिया था। सरकारी विभाग एससी वर्ग के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देंगे। हरियाणा सरकार ने ग्रुप ए और ग्रुप बी पदों के सभी संवर्गों में पदोन्नति कोटा के स्वीकृत पदों के 20 प्रतिशत तक आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लिया था।

याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा?

याचिका दायर करते हुए इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह व अन्य ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। याचिकाकर्ताओं को जानकारी मिली कि इस प्रक्रिया में आरक्षण लागू कर दिया गया है। 

उन्होंने आगे कहा कि पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया था कि एससी और एसटी के प्रतिनिधित्व की अपर्याप्तता निर्धारित करने के लिए डेटा संग्रह पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है। 

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने इंस्पेक्टर के रूप में आवश्यक वर्षों की सेवा पूरी कर ली है और डीएसपी पद पर पदोन्नति के लिए पात्र हैं।

अनुच्छेद 335 के मानदंडों को पूरा करना आवश्यक

याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि आरक्षण प्रदान करने की शक्ति राज्य सरकार के पास है और इसे विभागीय पदोन्नति समिति को नहीं सौंपा जा सकता है। 

इसके अलावा, पदोन्नति पदों में आरक्षण प्रदान करने से पहले क्रीमी एससी लेयर को बाहर करना आवश्यक था और अनुच्छेद 335 के मानदंडों को पूरा करने के लिए यह अभ्यास आवश्यक था।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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