Maham Mahapanchayat : सर्वखाप महापंचायत में बड़ा फैसला, पहलवानों के समर्थन में अब उछाया जाएगा ये बड़ा कदम

Published On: May 21, 2023
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रोहतक : भारतीय पहलवानों का लगातार धरना जारी है। इस बीच किसानों और खाप पंचायत की और से दिए गए अल्टिमेटम पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर रोहतक के महम में खापों की महापंचायत हुई। 

आपको बता दें भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ धरने पर पहलवान करीब एक महीने से बैठे हैं। 

इस पंचायत का आयोजन रोहतक में महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे पर किया गया। महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत और धरने पर बैठे पहलवान भी पहुंचे।

महापंचायत में लिए गए चार बड़े फैसले

  • महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि पहलवानों के समर्थन में 23 मई को इंडिया गेट पर शाम पांच बजे दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 
  • वहीं 28 मई को नए संसद भवन में खापों की महिला महापंचायत होगी। जिसमें देशभर से महिलाओं के अलावा खाप और किसान नेता भी पहुंचेंगी। 
  • ये महिला महापंचायत पहलवानों के साथ मिलकर जो भी फैसला लेगी वो सभी खापों को मंजूर होगा। फैसले के 5 घंटे के अंदर सभी खापों के ज्यादा से ज्यादा लोग दिल्ली पहुंच जाएंगे। 
  • रविवार को खाप पंचायतों ने महम के ऐतिहासिक चबूतरे पर एक बड़ा फैसला लिया है। फैसले के मुताबिक, आने वाली 28 मई को नई संसद भवन में महिला खाप पंचायत होगी और उसमें जो निर्णय लिया जाएगा, उसे खाप पंचायतें पूरा करेंगी। 
  • इसके अलावा महम की खाप पंचायत में ये भी फैसला लिया गया कि बृजभूषण शरण की जल्द गिरफ्तारी की जाए और उसका नार्को टेस्ट हो, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो। 

23 मई को दिल्ली में पहलवानों की तरफ से निकाले जाने वाले कैंडल मार्च को भी खाप पंचायतों ने समर्थन देने का एलान किया और कहा कि इस कैंडल मार्च में देश भर से सभी खाप पंचायतें, किसान संगठन, महिला संगठन और सामाजिक संगठन हिस्सा लेंगे।

बता दें, पंचायत महम चौबीसी के प्रधान मेहर सिंह राठी की अध्यक्षता में हुई। महम चौबीसी के चबूतरे से ऐतिहासिक फैसले होते रहे हैं और आज की जो खाप पंचायत बुलाई गई थी, इसमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से विभिन्न खापों के प्रधान, किसान संगठन और सामाजिक संगठनों ने शिरकत की। 

किसान नेता टिकैत भी हुए शामिल

वहीं किसान नेता राकेश टिकैत भी इस पंचायत में शामिल हुए। इसके अलावा दिल्ली जंतर-मंतर पर धरना देकर बैठी पहलवान साक्षी मलिक भी पंचायत में अपना पक्ष रखने पहुंची।

महा पंचायत में शामिल होने आई साक्षी मलिक ने कहा कि उनके साथ ज्यादती हो रही है और वे लगातार सरकार से न्याय की मांग कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच हो, लेकिन सरकार की तरफ से कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। 

साक्षी मलिक ने कहा गलत हुए तो पंचायत जो फैसला करेगी मंजूर

साक्षी ने खाप पंचायत से भी अनुरोध किया कि वो उनका साथ दें और अगर वो गलत साबित हुए तो पंचायत जो भी सजा देगी उसे भुगतने को तैयार हैं। 

साक्षी मलिक ने आरोप लगाया कि बृजभूषण शरण अपनी ताकत का इस्तेमाल कर उन्हें दबाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वो झुकेंगे नहीं।

वहीं राकेश टिकैत ने भी पंचायत के फैसले पर अपनी राय देते हुए कहा कि 28 मई को नई संसद में महिला पंचायत होगी और उसके बाद वहां पर जो भी निर्णय लिया जाएगा, वो उस पर आगे बढ़ेंगे। 

उन्होंने बताया कि बृजभूषण के समर्थन में कुछ लोग नरेश टिकैत से भी मिलने जाते हैं और अपना पक्ष रखते हैं, लेकिन वे पहलवानों के साथ हैं और इसके लिए चाहे कितना भी बड़ा आंदोलन क्यों ना करना पड़े, वे पूरी तरह से तैयार हैं और उन्हें लगता है कि ये आंदोलन काफी लंबा चलेगा।

इस पंचायत में कई फैसले लिए गए और सब पर मौजूद लोगों ने हाथ उठाकर अपना समर्थन दिया और कहा कि जो भी निर्णय लिया गया है, उसे अमलीजामा पहनाने के लिए वो हर वक्त तैयार हैं। जरूरत पड़ी तो 5 घंटे के अंदर दिल्ली पहुंच सकते हैं।


कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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