Wrestlers Protest : सुप्रीम कोर्ट ने पहलवानों की याचिका पर दिल्ली पुलिस और सरकार के भेजा नोटिस, मामले को बताया गंभीर

Published On: April 25, 2023
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Wrestlers Protest : भारतीय पहलवानों का आज दिल्ली के जंतर-मतंर पर धरना प्रदर्शन का तीसरा दिन है। कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर की मांग वाली पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सरकार को नोटिस जारी किया है। 

विनेश फोगाट समेत 7 महिला पहलवानों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की गई थी।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और पीएस नरसिम्हन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने इसे गंभीर मामला बताते हुए दिल्ली पुलिस और सरकार से एफआईआर दर्ज करने की खिलाड़ियों की मांग पर जवाब मांगा है। कोर्ट में 28 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई होगी।

खिलाड़ियों का तीसरे दिन भी धरना जारी

कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ पहलवानों ने इसी साल जनवरी में मोर्चा खोला था। उस समय खेल मंत्रालय ने पहलवानों से बातचीत के बाद मैरी कॉम की अध्यक्षता में निगरानी समिति का गठन किया था। इस समिति को आरोपों पर जांच के साथ ही कुश्ती संघ का रोज का काम भी देखना था।

चार दिन पहले 21 अप्रैल को खिलाड़ियों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोला। उसी दिन दिल्ली पुलिस में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर को लेकर शिकायत दी गई। खिलाड़ियों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 23 अप्रैल को खिलाड़ी एक बार फिर से जंतर-मंतर पर धरना देने पहुंचे।

कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक

पहलवानों के धरने पर बैठने के अगले दिन सोमवार को खेल मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक लगा दी। ये चुनाव अगले महीने होने वाले थे। खेल मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) एक एडहॉक कमेटी बनाएगी। यही कमेटी 45 दिनों के अंदर कुश्ती महासंघ का चुनाव करवाएगी। आईओए की कमेटी ही खिलाड़ियों का सेलेक्शन भी करेगी और फेडरेशन का रोज का कामकाज भी देखेगी।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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