Haryana News : हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, गौशालाओं नहीं कमी होगी चारे की, तुड़ी खरीदने के लिए 36 करोड़ जारी

Published On: April 30, 2023
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Haryana News : हरियाणा में इस बार गौशालाओं में चारे का संकट नहीं होगा। इसके लिए सरकार की ओर से राज्य की 450 गौशालाओं के लिए 36 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि राज्य की गौशालाओं के प्रति सरकार गंभीर है। पहली बार राज्य की गौशालाओं के बजट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की गई है। पहले गौशालाओं का 40 करोड़ रुपए बजट होता था, इस बार 400 करोड़ रुपए कर दिया गया है।

अब राज्य की गौशालाओं में चारे की नहीं आएगी कमी

मुख्यमंत्री ने गौशालाओं को पैसा रिलीज किए जाने का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि इस समय फसल काटी जा रही है। गौशालाओं को चारे के लिए तूड़ी की आवश्यकता होती है। सरकार ने इसको देखते हुए गौशालाओं को पैसा रिलीज किया है, अब सूबे की गौशालाओं में चारे की कोई कमी नहीं रहेगी।

गौशाला के लिए 20 साल का मिलेगा पट्टा


हरियाणा में गोशालाएं स्थापित करने की इच्छुक संस्थाएं पंचायती जमीन को 20 साल के लिए पट्टे पर ले सकेंगी। इसमें गौशाला के साथ बायोगैस संयंत्र, पंचगव्य उत्पाद, पशु चिकित्सा अस्पताल, अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना भी हो सकती है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने पंजाब गांव सांझा भूमि नियम में संशोधन कर दिया है। गौशालाओं में पट्टा धारक को कुल पशु जनसंख्या का कम से कम 50 प्रतिशत बेसहारा पशुओं को पट्टा अवधि के दौरान गौशाला में रखना होगा।

पंचायतों को दिया अधिकार


मुख्यमंत्री ने बताया कि अब ग्राम पंचायत को अपनी भूमि आवंटन के माध्यम से 20 वर्ष तक की अवधि के लिए कम से कम प्रति वर्ष 5100 रुपये प्रति एकड़ की दर से पट्टे पर देने की अनुमति होगी। यह राशि पहले एक हजार रुपए थी। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रस्ताव पास करेगी और एक एकड़ से कम करीब पौन एकड़ भूमि गौशाला के शेड के लिए तथा बाकी भूमि पशु चिकित्सा, पंचगव्य उत्पाद से पशुओं से संबंधित अन्य रखरखाव के लिए होगी।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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