Haryana News : हरियाणा प्रदेश हमेशा से खेलों में आगे रहा है। यहाँ के युवाओं के जज़्बे को पूरी दुनिया मानती है। यहाँ एक और सबसे ज़्यादा ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा है वहीं यहाँ के युवाओं का जज़्बा उतना ही दूसरे कामों में है। अब हरियाणा की बेटी ने एक और कारनामा कर दिखाया है जिसे जानकर आप भी उन्हें सलाम करेंगे।
दरअसल प्रदेश की होनहार और मजबूत इरादों वाली बेटी रीना भट्टी ने एक बार फिर से अपने प्रदेश का मान बढ़ाया है। रीना भट्टी ने पहले तो साउथ अफ्रीका की किलिमंजारो चोटी फतह की थी, अब मात्र 24 घंटे में माउंट एल्ब्रूस चोटी को फतह करके इतिहास रचा है। ऐसा करने वाली रीना पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
हिसार के बालक गांव की है रीना भट्टी
माउंट एवरेस्ट की यात्रा शुरू करने से पहले रीना भट्टी (32) का यहां होटल कोरस इन में मानव आवाज संस्था की ओर से स्वागत करते हुए उन्हें इस सफर पर सफल होने की शुभकामनाएं दी। मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन एडवोकेट, समाजसेवी हेमंत वशिष्ठ, सेवानिवृत आईआरएस कल्याण शर्मा समेत अनेक गणमान्य लोगों ने रीना भट्टी का स्वागत किया और उन्हें गुरुग्राम के मौजिज लोगों से रूबरू कराया। रीना भट्टी को मदद करने वाली संस्था वी-टू गेदर से प्रदीप ने रीना को शुभकामनाएं दी। सामान्य परिवार में जन्मीं रीना के पिता ट्रैक्टर मैकेनिक हैं, फिर भी रीना के सपनों को पूरा करने में उन्होंने उसे प्रेरित किया। रीना भट्टी ने बताया कि वर्ष 2019 में उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। हिसार जिला के गांव बालक में जन्मीं रीना का परिवार अब हिसार शहर में है।
लद्दाख में चादर ट्रैक से की थी ट्रैकिंग की शुरुआत
रीना भट्टी ने बताया कि ट्रैकिंग की शुरुआत उसने लद्दाख में चादर ट्रैक से की। चादर ट्रैक का मतलब माइनस तापमान में नदी के पानी की जमींहुई बर्फ पर ट्रैकिंग करना होता है। उसमें सफलता हासिल की। पर्वतारोही का बेसिक कोर्स किया।









