World In Internet Shutdowns : भारत इंटरनेट प्रतिबंद लगाने के मामलें लगातार पांचवे साल भी नंबर-1

Published On: March 1, 2023
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World In Internet Shutdowns : इंटरनेट एडवोकेसी वॉचडॉग एक्सेस नाउ ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट पेश की है। जिसमें भारत ने 2022 में दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाए है। इस मामले में  देश लगातार पांचवें साल इस सूची में सबसे ऊपर है। एक्सेस नाउ के अनुसार, कुल 187 बार वैश्विक इंटरनेट प्रतिबंधों में से 84 बार भारत में हुए, जिसमें 49 बार जम्मू और कश्मीर में शामिल हैं।

वॉचडॉग की रिपोर्ट में कहा गया है, “राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के कारण अधिकारियों ने कश्मीर में कम से कम 49 बार इंटरनेट बंद किया। जिसमें जनवरी और फरवरी 2022 में तीन-दिवसीय कर्फ्यू जैसे हालात में इंटनेट बंद के लिए 16 बार बैक-टू-बैक ऑर्डर शामिल हैं।” 

जम्मू-कश्मीर में 49 बार इंटरनेट सेवाएं बद

न्यूयॉर्क स्थित डिजिटल राइट्स एडवोकेसी ग्रुप ने अगस्त 2019 में कहा, भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जम्मू और कश्मीर की स्वायत्तता को समाप्त कर दिया, इसे दो संघ प्रशासित क्षेत्रों में विभाजित कर दिया। तब से केंद्र ने नियमित रूप से सुरक्षा के आधार पर इस क्षेत्र में संचार प्रतिबंध लगाए हैं, जिसकी अधिकार समूहों ने निंदा की है। 

डिजिटल राइट्स एडवोकेसी ग्रुप ने कहा कि भारत ने एक बार फिर इंटरनेट प्रतिबंधों में दुनिया का नेतृत्व किया, 2022 में 2017 के बाद पहली बार देश में 100 से कम इंटरनेट प्रतिबंध हुए।

यूक्रेन सूची में दूसरे स्थान पर

भारत के बाद, यूक्रेन सूची में दूसरे स्थान पर है, पिछले साल 24 फरवरी को रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद रूसी सेना ने कम से कम 22 बार इंटरनेट का उपयोग बंद कर दिया था।

वॉचडॉग ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के दौरान, रूसी सेना ने कम से कम 22 बार इंटरनेट का उपयोग बंद कर दिया, साइबर हमले में शामिल हो गए और जानबूझकर दूरसंचार बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया।”

यूक्रेन के बाद ईरान का नंबर आता है जहां अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के जवाब में 2022 में 18 बार इंटरनेट प्रतिबंध लगाए।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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