Rahul Gandhi disqualification : विपक्ष का ब्लैक प्रोटेस्ट, सोनिया ने भी काले कपड़े पहने, लोकसभा स्पीकर के मुंह के सामने काला कपड़ा लहराया

Published On: March 27, 2023
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नई दिल्ली : संसद में सोमवार का सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने अडाणी और राहुल के डिस्क्वालिफकेशन मामले में जमकर हंगामा किया। इसकी वजह से राज्यसभा की कार्यवाही को 2 बजे तक और लोकसभा की कार्यवाही को 4 बजे तक के लिए रोक दिया गया।

राहुल को संसद से डिस्क्वॉलिफाई किए जाने के विरोध में कांग्रेसी सांसद काले कपड़े पहन कर संसद पहुंचे। सोनिया गांधी भी काले कपड़ों में दिखीं। लोकसभा में कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिड़ला के मुंह के सामने काला कपड़ा लहराया, जिसके बाद वे उठकर चले गए।


17 पार्टियाँ आई एक साथ

संसद सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में अपने चैम्बर में विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक रखी। इस बैठक में कांग्रेस, डीएमके, सपा, जेडीयू, बीआरएस, सीपीएम, आरजेडी, एनसीपी, सीपीआई, आप और टीएमसी समेत 17 पार्टियां शामिल हुईं। इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस का आना चौंकाने वाला रहा। इसे लेकर खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जो भी आगे आएगा हम उसका स्वागत करेंगे।


सूरत की अदालत ने पाया दोषी

आपको बता दें कि सूरत की एक अदालत ने राहुल को ‘मोदी सरनेम’ टिप्पणी मामले में दोषी ठहराते हुए 2 साल की जेल की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच. एच. वर्मा ने आईपीसी की धारा 499 और 500 के तहत दोषी करार दिया है। जो शांति भंग करने के इरादे से इरादतन अपमान से संबंधित हैं। हालांकि, अदालत ने राहुल को भी जमानत दे दी और 30 दिनों के लिए उसकी सजा पर रोक लगा दी, ताकि वह फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दे सके। मामले की सुनवाई के दौरान राहुल कोर्ट में मौजूद थे।

राहुल गांधी ने ये की थी टिप्पणी

राहुल के खिलाफ उनकी टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का एक ही सरनेम मोदी क्यों होता है? राहुल की इस टिप्पणी के खिलाफ बीजेपी विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। वायनाड से लोकसभा सांसद राहुल ने उक्त टिप्पणी 2019 के आम चुनाव से पहले कर्नाटक में हुई जनसभा में की थी।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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