तो क्या खत्म हो रहे Stars? रात में नजर नहीं आएंगे तारे ! रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा

Published On: January 21, 2023
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नई दिल्ली:  एक रिसर्च में दावा किया गया है कि अंतरिक्ष से तारे अदृश्य हो रहे हैं। स्टडी के निष्कर्षों से इस बात के संकेते मिले हैं कि एक दिन ऐसा आएगा जब रात में तारे नहीं दिखाई देंगे।
ये दावा पॉट्सडैम में जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस के वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टोफर काबा की ओर से किया गया। काबा और उनके सहयोगियों ये खोज साइंस जर्नल में प्रकाशित की गई। जिसमें उन्होंने कहा कि तारे अदृश्य हो रहे हैं। आइए जानते हैं वो कौन सी वजह है, जिसके आधार पर साइंटिस्ट क्रिस्टोफर काबा ने इतना बड़ा दावा किया है।

साल 2011 से बढ़ी समस्या
 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक दशक में तारों की संख्या में कमी देखी गई। इसका कारण साइंटिस्ट्स ने इसका कारण कृत्रिम प्रकाश का कारण होने वाला ‘स्काईग्लो’ बताया और कहा कि 2011 से हर साल धरती पर रात के समय रोशनी बढ़ती जा रही है।

क्या सच में गायब हो रहे तारे?
 
पॉट्सडैम में जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस के वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टोफर काबा का कहना है तारे गायब हो रहे हैं। काबा ने अपने सहयोगियों ने इस खोज को साइंस जर्नल में प्रकाशित किया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 12 वर्षों के दौरान साइंटिस्ट्स ने अपने अध्ययन में पाया कि तारों की दृश्यता में काफी बदलाव आ चुका है। ये दावा तब सच के करीब माना गया जब लोगों ने भी यही ऑब्जर्व किया।
स्पेस में हर साल बढ़ रहा प्रकाश
 
तारों की दृश्यता की जांच करने के प्रोजेक्ट को ‘ग्लोब एट नाइट’ नाम दिया गया है। स्टडी में कहा गया कि कि हर साल आसमान की चमक में लगभग 10 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी हो रही है। शहरों में देररात तक रहने वाली लाइट ऐसी स्थिति की एक बड़ी वजह हो सकती है।
प्रकाश प्रदूषण है समस्या
 
साइंटिस्ट फैबियो फाल्ची और सल्वाडोर बारा प्रकाश से होने वाले प्रदूषण पर शोध कर रहे हैं। उनके ठएक शोध के साथ प्रकाशित एक स्पेशल कमेंट में कहा गया कि रात में स्पेस में को साफ देखने में प्रकाश से होने वाला प्रदूषण बाधक बनता है। बारा ने दावा किया कि हालांकि लोग ये नहीं समझते कि प्रकाश से होने वाले प्रदूषण की तस्वीरें ही रात में तारमंडल स्पष्ट नहीं दिखाई देने का कारण है।
स्पेस की चमक प्रभावित
 
पॉट्सडैम में जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस के वैज्ञानिक डॉ. क्रिस्टोफर काबा के अनुसार प्रकाश प्रदूषण की स्थिति से निपटा जा सकता है। इसके लिए आधुनिक एलईडी बल्ब का प्रयोग करना चाहिए। काबा का मानना है कि सभी लाइट्स चाहे वो आमतौर पर घरों की जाने वाली हों या फिर सजावटी सभी आकाश की चमक को फीका कर रही हैं।

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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