न्यूजहरियाणामनोरंजनटेकराजनीतिभारतराशिफलखेल

संसद परिसर में सदस्यों को अब इन सब की नहीं मिलेगा इजाज़त, राज्यसभा सचिवालय ने जारी किया नया सर्कुलर

On: July 15, 2022 10:50 AM
Follow Us:



नई दिल्ली अब संसद भवन के परिसर में अब प्रदर्शन, विरोध, धरना, अनशन या धार्मिक समारोह आयोजित नहीं किए जा सकेंगे. यह बात राज्यसभा सचिवालय के एक नए सर्कुलर में ये कही गई है. धरना या विरोध पर सर्कुलर संसद में कुछ शब्दों के इस्तेमाल पर बैन के आदेश पर विपक्ष की नाराजगी के बीच आया है.

ऐसे में मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इसकी भी आलोचना की है. 18 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने नया बुलेटिन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सदस्यों का सहयोग अपेक्षित है.

हरियाणा में देश की सबसे अधिक वृद्धावस्था पेंशन, बीजेपी सरकार ने 11 साल में पेंशन में 2200 रुपये की बढ़ोतरी की

इनका उपयोग नहीं किया जा सकता

बुलेटिन में कहा गया है, ” सदस्य किसी भी प्रदर्शन, धरना, हड़ताल, अनशन या किसी धार्मिक समारोह के लिए संसद भवन के परिसर का उपयोग नहीं कर सकते हैं. ” 

विपक्ष ने की इसकी आलोचना

इस बात से नाराज कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने 14 जुलाई को जारी सर्कुलर की एक प्रति साझा करते हुए कहा, “विश्गुरु की नवीनतम सलाह – D(h)arna (धरना) मना है.”

Vishguru’s latest salvo — D(h)arna Mana Hai! pic.twitter.com/4tofIxXg7l

29 services of the HLWB are under the purview of the Right to Service Act.
Haryana : हरियाणा सरकार ने श्रमिकों को दी बड़ी राहत, 29 सेवाएं अब राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में

— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 15, 2022

विपक्ष के नेता बीते समय में संसद परिसर के अंदर प्रदर्शन कर चुके हैं. साथ ही वे परिसर के अंदर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध और अनशन भी कर चुके हैं. ऐसे में संसद में कुछ शर्तों के लागू होने पर विपक्ष ने आलोचना की है, जिसमें जोर देकर कहा गया है कि बीजेपी जिस तरह से भारत को बर्बाद कर रही है, उसका वर्णन करने के लिए उनके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हर अभिव्यक्ति को अब असंसदीय घोषित कर दिया गया है.

लोकसभा अध्यक्ष ने क्या कहा?

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि संसद में किसी भी शब्द के इस्तेमाल पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन प्रासंगिक आधार पर इसे हटा दिया जाएगा. उन्होंने कहा था कि सदस्य सदन की मर्यादा बनाए रखते हुए अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं.

आपको बता दें कि लोकसभा सचिवालय की एक नई सर्कुलर में बुधवार को कहा गया किजुमलाजीवी‘, ‘बाल बुद्धि‘, ‘कोविड स्प्रेडर‘, ‘स्नूपगेटजैसे शब्दों, यहां तक किशर्मिंदा‘, ‘दुर्व्यवहार‘, ‘विश्वासघात‘, ‘भ्रष्ट‘, ‘नाटक‘, ‘पाखंडऔरअक्षमजैसे शब्दों के इस्तेमाल को अब से लोकसभा और राज्यसभा दोनों में असंसदीय माना जाएगा

Getting a FASTag has become easier for car drivers.
कार चालकों को बड़ी राहत, अब FASTag लेना हुआ आसान, NHAI ने किया ये ऐलान

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment