न्यूजहरियाणामनोरंजनटेकराजनीतिभारतराशिफलखेल

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला, 365 जगहों पर बिना ओबीसी आरक्षण ही होंगे चुनाव

On: July 28, 2022 8:41 AM
Follow Us:


मुंबई: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फ़ैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आरक्षण की अनुमति मिलने से पहले जिन 365 जगहों पर चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी थी, वहां बिना आरक्षण के ही चुनाव होंगे

Haryana News: अनाथ या असहाय बच्चे की परवरिश के लिए मिलेगी प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता

वहीं उन सीटों के लिए नए सिरे से चुनाव की अधिसूचना नहीं जारी हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य चुनाव आयोग ने ऐसा किया तो यह कोर्ट की अवमानना मानी जाएगी. आपको बता दें कि ओबीसी के आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है

ओबीसी के आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट से मिली थी मंज़ूरी

20 जुलाई को  सुप्रीम कोर्ट ने बंठिया आयोग की महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था. साथ ही निर्देश दिया कि राज्य में स्थानीय निकायों के चुनाव अगले दो सप्ताह में अधिसूचित किए जाएं

वहीं महाराष्ट्र में शिंदेभाजपा सरकार और विपक्षी दलों दोनों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था.बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को खारिज कर दिया था. सर्वोच्च न्यायालय ने उस समय कहा था कि इस बाबत आबादी के ठोस आंकड़े नहीं थे.

नगरपालिका कालांवाली के उपाध्यक्ष पद के लिए 17 फरवरी को होगा चुनाव, अधिसूचना जारी

38 फ़ीसदी है ओबीसी 

महाराष्ट्र राज्य में ओबीसी की संख्या 38 प्रतिशत है. पूर्व की एमवीए सरकार द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी को आरक्षण दिलाने के लिए ही पूर्व मुख्य सचिव जयंत कुमार बांठिया की अध्यक्षता में बांठिया आयोग का गठन किया गया था

इस आयोग ने राज्य की वोटर लिस्ट के आधार पक अनुभवजन्य डाटा तैयार किया था और सुप्रीम कोर्ट में इसी के बेस पर ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश भी की थी. जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी.

बीपीएल महिलाओं को मिलेगा चालक व आत्मरक्षा प्रशिक्षण: हरियाणा महिला विकास निगम ने मांगे आवेदन

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment