शराब सस्ती करने में दिल्ली-गुरुग्राम में कॉम्पिटिशन, पियक्कड़ों की कट रही मौज

Published On: April 6, 2022
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शराब का ठेका


नई दिल्ली: दिल्ली में शराब सस्ती होने का सीधा फायदा पियक्कड़ों को हो रहा है. दिल्ली सरकार ने अपनी करों से कमाई बढ़ाने के लिए शराब 25 फीसदी तक सस्ती दरों पर बेचने की अनुमति दे दी है. 

इससे दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम के शराब विक्रेताओं को मुश्किल हो रही थी, लेकिन इसका तोड़ गुरुग्राम के विक्रेताओं ने निकाल लिया है. 

अब वे भी सस्ते दामों पर दारू बेचने लगे हैं. पहले गुरुग्राम में शराब सस्ती थी, इसलिए दिल्ली के लोग भी वहां जाकर पीना पसंद करते थे. 

इसे देखते हुए दिल्ली की आप सरकार ने विक्रेताओं को 25 फीसदी तक सस्ती दरों पर शराब बेचने की इजाजत दे दी. इस कारण दोनों राज्यों के शराब विक्रेताओं के बीच प्राइस वॉर छिड़ गया है.

दिल्ली के विक्रेताओं ने तो बाकायदा पर्चे छपवा कर बंटवा दिए कि ‘अब गुरुग्राम क्यों?’ यानी पीने के लिए अब वहां जाने की जरूरत नहीं है, आपको दिल्ली में ही सस्ती शराब मिल जाएगी. 

ऐसे में गुरुग्राम के शराब विक्रेताओं का कहना है कि दिल्ली में सस्ती होने पर उनके पास कोई चारा नहीं बचा था. उन्हें मजबूर होकर कीमतें कम करना पड़ी. 

पहले एक बोतल पर एक मुफ्त बांटी थी ऐसा नहीं है कि दिल्ली और गुरुग्राम के लिकर स्टोर्स के बीच पहली बार प्राइस वॉर छिड़ा है. 

पिछले साल नवंबर में जब दिल्ली सरकार नई शराब नीति या एक्साइज पॉलिसी लाई थी, तब भी ऐसी स्थिति बनी थी. इस नीति में पहली बार राजधानी में डिस्काउंट पर शराब बेचने की इजाजत दी गई थी. तब भी हरियाणा और खासतौर से गुरुग्राम के विक्रेताओं को झटका लगा था. 

इससे निपटने के लिए उन्होंने कीमतें घटा दी थीं. तब दिल्ली के कई शराब स्टोर पर तो एक बोतल पर एक मुफ्त के आकर्षक ऑफर दिए गए थे. 

इससे दिल्ली की शराब दुकानों पर पियक्कड़ों का जमघट लगने लगा था. इससे परेशान होकर दिल्ली सरकार ने इस साल फरवरी में शराब पर छूट का प्रावधान खत्म कर दिया था. 

इसका असर जब सरकारी खजाने पर दिखने लगा तो आप सरकार ने अब फिर डिस्काउंट की छूट दे दी है. 

हालांकि प्रति बॉटल अधिकतम 25 फीसदी से ज्यादा की छूट नहीं देने की सीमा तय की गई है. 

कावेरी

कावेरी "द न्यूज़ रिपेयर" की एक समर्पित और खोजी पत्रकार हैं, जो जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए जानी जाती हैं। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकार, जनहित और निष्पक्ष रिपोर्टिंग की झलक मिलती है। कावेरी का उद्देश्य है—सच्ची खबरों के ज़रिए समाज में बदलाव लाना और उन आवाज़ों को मंच देना जो अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। पत्रकारिता में उनकी पैनी नजर और निष्पक्ष दृष्टिकोण "द न्यूज़ रिपेयर" को विश्वसनीयता की नई ऊँचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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