पीएम केयर फंड से खरीदे जाएंगे 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नए ऑक्सीजन प्लांट्स को मंजूरी

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नई दिल्ली: ऑक्सीजन की कमी पूर्ती के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. निर्णय के अनुसार, पीएम केयर फंड से 1 लाख पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स की खरीद की जाएगी. इसके साथ ही 500 ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दी गई है. 

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, यह विशेष रूप से जिला मुख्यालयों और टीयर -2 शहरों में ऑक्सीजन की पहुंच में सुधार करेगा. 

COVID प्रबंधन के लिए लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) आपूर्ति में सुधार के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ये निर्णय लिए गए. पीएम ने निर्देश दिया कि इन ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर को जल्द से जल्द खरीद लिया जाए और राज्यों को जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए. वहीं पीएम केयर फंड के तहत पहले से स्वीकृत 713 पीएसए प्लांटों के अलावा, 500 नए ऑक्सीजन प्लांटों को मंजूरी दी गई है. 

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बड़ी अटैची नुमा एक मशीन है, जो हवा से ऑक्सीजन को अलग करने का काम करता है. इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है. ये मशीन बाहरी हवा को लेकर उसमें से अन्य गैसों को अलग कर काफी हद तक शुद्ध ऑक्सीजन की सप्लाई करता है. इसे ऑक्सीजन सिलेंडर का विकल्प माना जाता है. इसका इस्तेमाल घर पर रहकर किया जा सकता है. एक कंसंट्रेटर एक मिनट में करीब 5 से 10 लीटर ऑक्सीजन सप्लाई कर सकता है. 

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलेंडर में अंतर केवल इतना है कि कंसंट्रेटर हवा को शुद्ध करता है और इसे उन रोगियों के लिए उपलब्ध करता है जिनके रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होता है. जबकि सिलेंडर में टैंक के भीतर पहले से ही ऑक्सीजन भरी रहती है. डॉक्टर काफी हद तक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को सुरक्षित मानते हैं. हालांकि किसी भी रोगी को इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है. 



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